बेतुल
बैतूल उपभोक्ता जागरूक होगा तभी बाजार ईमानदार बनेगा
अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस पर उपभोक्ता अधिकारों और कानूनों की दी जानकारी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत बैतूल और जिला खाद्य आपूर्ति विभाग बैतूल के संयुक्त तत्वावधान में आदिवासी मंगल भवन गुरुद्वारा रोड पर ग्राहक जागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ठाकुर जगदीश सिंह राघव, अखिल भारतीय ग्राम पंचायत जिला अध्यक्ष मनीष धोते, अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत बैतूल, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप पाटिल, भारतीय जीवन बीमा निगम बैतूल के शाखा प्रबंधक तथा अधिकार उत्थान समिति के नरेंद्र पटेल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने उपभोक्ता अधिकारों और उनके संरक्षण को लेकर उपस्थित लोगों को मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम में बताया गया कि 15 मार्च को विश्वभर में अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस मनाया जाता है। इसी दिन संसद द्वारा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम पारित किया गया था, जो उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जाता है। बाद में इसे और सशक्त बनाते हुए भारत में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 लागू किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि उपभोक्ताओं के साथ बढ़ती ठगी, मिलावट, गलत तौल-माप, अधिक मूल्य वसूली और भ्रामक विज्ञापनों को रोकने के लिए सशक्त कानून की आवश्यकता महसूस की गई, जिसके परिणामस्वरूप उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम अस्तित्व में आया और 15 मार्च को उपभोक्ता अधिकारों के प्रतीक दिवस के रूप में मान्यता मिली।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि इस दिवस का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, शोषण, धोखाधड़ी और अनुचित व्यापार प्रथाओं से बचाना तथा जागो ग्राहक जागो की भावना को मजबूत करते हुए उपभोक्ता को सशक्त और सचेत बनाना है। हालांकि वक्ताओं ने माना कि जागरूकता आंशिक रूप से बढ़ी है, लेकिन आज भी कई उपभोक्ता अपने अधिकारों, शिकायत प्रक्रिया और कानूनों से पूरी तरह परिचित नहीं हैं।
– एमआरपी को लेकर फैली भ्रांतियों को भी दूर किया
कार्यक्रम में एमआरपी को लेकर फैली भ्रांतियों को भी दूर किया गया। बताया गया कि अधिकांश लोग यह मानते हैं कि एमआरपी सरकार तय करती है, जबकि वास्तव में एमआरपी का निर्धारण निर्माता या कंपनी स्वयं करती है। सरकार सीधे मूल्य तय नहीं करती, लेकिन एमआरपी से अधिक कीमत लेना अवैध है और एमआरपी में सभी कर शामिल होते हैं। उपभोक्ता को एमआरपी देखने और उसी के अनुसार भुगतान करने का अधिकार है।
वक्ताओं ने बताया कि सरकार की भूमिका मूल्य निर्धारण की नहीं नियामक की होती है। सरकार यह सुनिश्चित करती है कि उत्पादों पर एमआरपी स्पष्ट रूप से अंकित हो, उपभोक्ता से अधिक मूल्य न वसूला जाए और शिकायत मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
– आम जनता की सहभागिता आवश्यक
कार्यक्रम में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। बताया गया कि संगठन उपभोक्ता जागरूकता के लिए लगातार कार्य कर रहा है। कॉलेज, विद्यालय और समाज में कार्यशालाओं व व्याख्यानों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उपभोक्ताओं को एमआरपी, बिल, गारंटी और वारंटी की जानकारी दी जाती है तथा शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया भी समझाई जाती है।
अतिथियों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस उपभोक्ता चेतना का अभियान है। जब उपभोक्ता जागरूक होगा तभी बाजार ईमानदार बनेगा। इसके लिए सरकार, सामाजिक संगठन और आम जनता तीनों की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भारत में उपभोक्ता आयोग का गठन भी आम उपभोक्ताओं के शोषण, बढ़ती मिलावट, अधिक मूल्य वसूली, गलत तौल-माप और भ्रामक विज्ञापनों के विरुद्ध उठी सार्वजनिक मांग के परिणामस्वरूप किया गया।




