ललितपुर

समावेशी विकास की ओर एतिहासिक कदम

जनजाति बाहुल्य मड़ावरा क्षेत्र को मिली पक्की सड़कों की सौगात

आजादी के बाद पहली बार क्षेत्रीय जनता को पक्की सड़क की सौगात
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
ललितपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के सतत, सुनियोजित एवं समावेशी विकास की अवधारणा को धरातल पर साकार करने हेतु जिलाधिकारी सत्य प्रकाश द्वारा किये जा रहे निरंतर प्रयास अब ठोस परिणाम देने लगे हैं। इसी श्रंखला में जिलाधिकारी के शासन को सतत पत्राचार एवं स्थानीय जनप्रतिनिधयों के सहयोग से प्रभावी पहल के फलस्वरुप जनपद के दूरस्थ जनजाति बाहुल्य मड़ावरा क्षेत्र में चार महत्वपूर्ण नवीन सडक मार्गों के निर्माण को शासन स्तर से स्वीकृति प्राप्त हो गई है। इन परियोजनाओं के लिए कुल 22 करोड़ 94 लाख 20 हजार की धनराशि स्वीकृत की गई है, जो जनपद के सर्वाधिक पिछड़े एवं वन आच्छादित क्षेत्रों में बुनियादी ढॉचे पर विकास की दिशा में एक एतिहासिक उपलब्धी है। उल्लेखनीय है कि इन क्षेत्रों में आजादी के बाद पहली बार पक्की सड़क निर्माण का कार्य होने जा रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों को आवागमन की बेहतर सुविधा प्राप्त होगी और विकास की मुख्य धारा से जुडऩे का अवसर मिलेगा। दानशा सम्पर्क मार्ग से ग्राम मड़ावरा व जैतुपुरा होते हुए कुर्रट सम्पर्क मार्ग (5 किमी लम्बाई), सौरई-धौरी से लखंजर सम्पर्क मार्ग (8 किमी लम्बाई), ठनगना से वनगुवॉ व गौंठरो कच्चे मार्ग से पापरो मार्ग (5 किमी लम्बाई), ठनगना से वनगुवॉ, गौठरा मार्ग (4.5 किमी लम्बाई)। इन परियोजनाओं के सापेक्ष 1 करोड़ 8 लाख 78 हजार की प्रथम किश्त वर्तमान वित्तीय वर्ष में प्राप्त हो चुकी है, जिससे शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाएगा। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश के दूरदर्शी नेतृत्व एवं सतत प्रयायों के परिणामस्वरुप यह पहल न केवल क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि जनजाति क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास को भी नई प्रगति प्रदान करेगी, इन सड़कों के निर्माण से शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार एवं अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच सुगम होगी, जिससे स्थानीय निवासियों की जीवन स्तर में व्यापक सुधार आयेगा। बुन्देलखण्ड का एतिहासिक जनपद ललितपुर लम्बे समय तक सीमिति संसाधनों, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और व्यवस्थागत चुनौतियों के कारण विकास की मुख्य धारा से अपेक्षाकृत पीछे रहा। शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना जैसी बुनियादी जरुरतों से जूझते इस जनपद ने 28 अक्टूबर 2025 को जब जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने कार्यभार संभाला तो आमजन में एक नई उम्मीद का संचार हुआ। कुछ माह में ही उनके संवेदनशील, सक्रिय और परिणामोन्मुखी नेतृत्व ने यह सिद्ध कर दिया कि इच्छाशक्ति और प्रतिबद्धता से सतत व समावेशी विकास की ठोस शुरुआत सम्भव है।
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