नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
जालौन। नगर पालिका परिषद जालौन द्वारा मोहल्ला तोपखाना स्थित छत्रसाल इंटर कॉलेज औरैया रोड पर बनाए गए सामुदायिक शौचालयों की स्थिति बेहद खराब पाई गई है। शासन की मंशा के अनुरूप स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए ये शौचालय अब बदहाल हालत में नजर आ रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कई शौचालयों में न तो दरवाजों पर कुंडी है और न ही पानी की समुचित व्यवस्था। हालत यह है कि जिन शौचालयों का उपयोग आम जनता के लिए होना चाहिए, वहां जानवर और पक्षी नजर आ रहे हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि नगर पालिका परिषद इनकी देखरेख में पूरी तरह लापरवाही बरत रही है।
देश के प्रधानमंत्री के ‘स्वच्छ भारत’ अभियान के सपनों को भी इस तरह की लापरवाही से ठेस पहुंच रही है। जनता में इसको लेकर नाराजगी व्याप्त है और लोगों ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
सवाल ये उठता है कि आखिर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद शौचालय राम भरोसे क्यों छोड़ दिए गए हैं?एन.बी.डब्लू के वारंटियों पर पुलिस का शिकंजा दो वांछित अभियुक्त गिरफ्तार
न्यायालय में पेश न होने पर जारी हुआ था वारंट कुठौन्द पुलिस ने घर से दबोचा
जालौन जनपद में शातिर अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कुठौन्द पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। न्यायालय द्वारा जारी गैर जमानती वारंट एन.बी.डब्लू के अनुपालन में पुलिस ने दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक जालौन विनय कुमार सिंह के निर्देशन में चल रहे विशेष अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी जालौन शैलेंद्र बाजपेई के मार्गदर्शन में प्रभारी निरीक्षक कुठौन्द जगदम्बा दुबे के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। थाना कुठौन्द में दर्ज परिवाद संख्या 01/2017 धारा 452, 354, 323, 504, 506 भादवि से संबंधित मामले में अभियुक्त कालीचरन उर्फ कल्लू पुत्र रामकुमार उम्र करीब 40 वर्ष एवं कैलाश पुत्र रामेश्वर उम्र करीब 60 वर्ष निवासी ग्राम नवासी न्यायालय में लगातार अनुपस्थित चल रहे थे। उनकी गैरहाजिरी को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय द्वारा दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट एन.बी.डब्लू जारी किया गया था न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दिनांक 06 अप्रैल 2026 को दोनों अभियुक्तों को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस सफल कार्रवाई में उपनिरीक्षक तिरमल सिंह, उपनिरीक्षक सर्वेश कुमार, कांस्टेबल अनमोल सिंह एवं कांस्टेबल गौरव कुमार की अहम भूमिका रही। कुठौन्द पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश गया है कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस द्वारा ऐसे वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार जारी है।


