ईरान से आई अच्छी खबर
दुनिया के लिए ट्रंप ने खोला होर्मुज का रास्ता, चीन के साथ तेल की कीमतों पर बड़ा दावा

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक नया दावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा और सवाल दोनों खड़े कर रहा है। ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट, चीन और ईरान को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने वैश्विक राजनीति में कई संदेह और बहस को जन्म दे दिया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि उन्होंने स्ट्रेट आॅफ होर्मुज को स्थायी रूप से खोल दिया है। उन्होंने लिखा ‘चीन बहुत खुश है कि मैं होर्मुज स्ट्रेट को स्थायी रूप से खोल रहा हूं। मैं यह उनके लिए भी कर रहा हूं और दुनिया के लिए भी। ऐसी स्थिति फिर कभी नहीं होगी। वे ईरान को हथियार न भेजने पर सहमत हो गए हैं। जब मैं कुछ हफ्तों में राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने वहां जाऊंगा तो मुझे जोरदार गले लगाएंगे।
तेल की कीमतों में आएगी भारी गिरावट
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान से जुड़े संघर्ष के खत्म होने के बाद वैश्विक तेल कीमतों में बहुत बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी। फॉक्स न्यूज की पत्रकार मारिया बार्टिरोमो को दिए गए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि फिलहाल तेल की कीमतें लगभग 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास हैं, लेकिन हालात सामान्य होते ही इसमें तेज गिरावट आएगी।
ट्रंप ने कहा जैसे ही यह (युद्ध) खत्म होगा, तेल की कीमतें बहुत तेजी से नीचे आएंगी और बहुत जल्द यह स्थिति बदल सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले दिए गए उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया था, जिसमें उन्होंने ईंधन की कीमतों को लेकर अलग टिप्पणी की थी। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका में गैस की कीमतें, जो फिलहाल 4 डॉलर प्रति गैलन से थोड़ी अधिक हैं, आगामी चुनावों तक काफी नीचे आ सकती हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि युद्ध समाप्त होने के बाद ऊर्जा बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
मई में हो सकती है शी जिनपिंग और ट्रंप की मुलाकात
इसी इंटरव्यू में ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि शी जिनपिंग ने लिखित जवाब में यह साफ किया है कि चीन ईरान को हथियार नहीं भेज रहा है। ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने पहले इस मुद्दे पर शी जिनपिंग को पत्र लिखकर चिंता जताई थी। ट्रंप ने यह भी बताया कि उनकी और शी जिनपिंग की मुलाकात मई की शुरूआत में बीजिंग में संभावित है, जहां कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।



