गाजियाबाद

लोनी में निराश्रित गौवंश बदहाल

आदेश केवल कागजों में, ज़मीन पर मौत का सिलसिला जारी,जब जिम्मेदार बेपरवाह फिर कैसे बचेगी गोवशो की जान 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी गाजियाबाद : गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में निराश्रित गौवंश की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। सड़कों पर खुलेआम घूम रहे पशु रोज़ाना हादसों का शिकार हो रहे हैं कहीं वाहन की चपेट में आकर घायल हो रहे हैं, तो कहीं नालों में गिरकर या विद्युत करंट से अपनी जान गंवा रहे हैं। ये घटनाएं लगातार अखबारों की सुर्खियां बन रही हैं, लेकिन नगरपालिका परिषद लोनी और पशुपालन विभाग इस गंभीर समस्या से बेखबर नजर आ रहे हैं।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गौवंश संरक्षण के लिए बनाए गए गौ आश्रय स्थलों और स्पष्ट शासनादेश का उद्देश्य था कि कोई भी पशु सड़कों पर लावारिस न घूमे। इसके लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में टीमों का गठन कर निराश्रित पशुओं को पकड़कर गौशालाओं में सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही यह भी कहा गया था कि जिस क्षेत्र में आवारा पशु मिलेंगे, वहां के संबंधित अधिकारी और जिलाधिकारी जिम्मेदार होंगे।
लेकिन लोनी में ये आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित दिखाई दे रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारी उदासीनता का परिचय दे रहे हैं, जिसके कारण निराश्रित पशुओं के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं।
स्थानीय गौ रक्षक आशू पहलवान ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में आवारा गौवंश को चोरी-छिपे पकड़कर गौकशी करने वाला गिरोह सक्रिय है। लोनी बॉर्डर इलाके में ऐसी घटनाओं के वीडियो सामने आने के बावजूद पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस हर बार व्यस्तता का हवाला देकर मामले को टाल रही है, जिससे असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।
हाल ही में तिलकराम कॉलोनी में एक बछड़े का केवल सिर मिलने की घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया, लेकिन इसके बावजूद दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
लगातार बढ़ रही घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब शासनादेश मौजूद हैं, तो उनका पालन क्यों नहीं हो रहा? अधिकारी और पुलिस कब जागेंगे, और आखिर कब इन बेजुबान पशुओं को सुरक्षित जीवन मिल पाएगा?
यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो न केवल गौवंश की जान खतरे में रहेगी, बल्कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े होते रहेंगे।
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