शामली
डीएम के निरीक्षण में कांधला पालिका की खुली पोल
डीजल रजिस्टर से लेकर अभिलेखों तक मिली भारी गड़बड़ी

एक साल से अपडेट नहीं हुए रिकॉर्ड, बायोमेट्रिक और सिटीजन चार्टर गायब; सभासदों ने भी लगाए भेदभाव के आरोप
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
कांधला। नगर पालिका कांधला में जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण ने पालिका प्रशासन की कार्यशैली की परतें खोल दीं। निरीक्षण के दौरान अभिलेखों में भारी अनियमितताएं, सफाई व्यवस्था में लापरवाही और सरकारी व्यवस्थाओं की अनदेखी सामने आने पर डीएम ने अधिकारियों व कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई। कार्रवाई की आशंका से पालिका कार्यालय में हड़कंप मचा रहा।
डीएम ने निरीक्षण की शुरुआत सफाई व्यवस्था और वाहनों के डीजल रजिस्टर की जांच से की। जांच में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया अलग-अलग दूरी और उपयोग वाली सभी गाड़ियों के लिए समान रूप से एक-एक लीटर डीजल दर्ज किया गया था। रजिस्टर में लगातार खामियां मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए सफाई लिपिक अमरेश कुमार और सफाई निरीक्षक शेषल मलिक को कड़ी चेतावनी दी। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि लोक निर्माण समेत कई विभागों के अभिलेखों में पिछले एक वर्ष से कोई प्रविष्टि तक नहीं की गई थी। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र शाखा में भी रिकॉर्ड अव्यवस्थित मिले। संबंधित बाबू राजीव जैन डीएम के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिस पर डीएम ने कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
पालिका कार्यालय में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली और सरकारी योजनाओं से संबंधित सिटीजन चार्टर बोर्ड भी गायब मिला। डीएम ने निर्देश दिए कि नागरिक सुविधाओं और समय सीमा से जुड़ा बड़ा सूचना बोर्ड तत्काल लगाया जाए, ताकि आमजन को योजनाओं की स्पष्ट जानकारी मिल सके।
निरीक्षण के दौरान सभासदों ने भी पालिका प्रशासन पर विकास कार्यों में भेदभाव के आरोप लगाए। सभासदों का कहना था कि पालिका अध्यक्ष केवल समर्थक वार्डों में विकास कार्य करा रहे हैं, जबकि अन्य वार्ड उपेक्षा का शिकार हैं। वार्ड सात के सभासद वकील अहमद ने आरोप लगाया कि उनके वार्ड का खराब फ्रिज महीनों से ठीक नहीं कराया गया और उसे अध्यक्ष कार्यालय में रखवा लिया गया।मीडिया से बातचीत में डीएम ने कहा कि निरीक्षण पूर्व निर्धारित था और इसका उद्देश्य पालिका कार्यों की गुणवत्ता परखना था। उन्होंने माना कि वर्ष 2023-24 और 2024-25 की ऑडिट आपत्तियों का निस्तारण संतोषजनक नहीं है। साथ ही मानसून से पहले नालों की सफाई व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सफाई कार्यों का मजिस्ट्रेट स्तर पर क्रॉस-वेरिफिकेशन कराया जाएगा, ताकि बरसात में जलभराव की समस्या न हो।
विकास कार्यों में भेदभाव की शिकायतों पर डीएम ने कहा कि जिला प्रशासन की अध्यक्षता में जल्द बैठक कर सभी वार्डों में समान रूप से विकास कार्य सुनिश्चित कराए जाएंगे।
