गोड्डा
महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज का 41वां महापरिनिर्वाण दिवस श्रद्धा व भक्ति के साथ मना

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
महागामा। प्रखंड अंतर्गत केचुआ चौक स्थित महर्षि मेंही आश्रम में 20वीं सदी के महान संत सद्गुरु महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज का 41वां महापरिनिर्वाण दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं संतमत अनुयायी उपस्थित हुए। कार्यक्रम की शुरुआत ईश्वर स्तुति, विनती, वेद-उपनिषद पाठ, संतवाणी, भजन-कीर्तन एवं ध्यान साधना से हुई। श्रद्धालुओं ने सामूहिक ध्यान कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। महेशलिट्टी से पधारे पूज्य हरदेव बाबा ने अपने प्रवचन में महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज के जीवन एवं उनके आध्यात्मिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महर्षि जी ने 101 वर्ष की आयु पूर्ण कर इसी दिन अपने भौतिक शरीर का त्याग किया था। सामान्य मनुष्यों की पुण्यतिथि मनाई जाती है, जबकि जिन्होंने अपने जीवनकाल में शुभ-अशुभ कर्मों का भोग कर मुक्ति प्राप्त कर ली हो, ऐसे महान संतों का महापरिनिर्वाण दिवस मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि महर्षि मेंही जी ने भागलपुर के कुप्पाघाट में वर्षों तक कठोर साधना कर आत्मसाक्षात्कार प्राप्त किया था। महर्षि जी का संदेश था कि “सत्य एक है और उसे प्राप्त करने का मार्ग भी एक ही है। विधि-निषेध का पालन कर तथा सद्गुरु का आश्रय लेकर मनुष्य अपना परम कल्याण कर सकता है। इस अवसर पर वासुदेव बाबा ने भी श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक उपदेश दिए। संयोगवश इसी दिन संत शाही स्वामी जी महाराज का भी विशेष दिवस होने से कार्यक्रम का महत्व और बढ़ गया। कार्यक्रम के अंत में भक्तजनों के बीच भंडारा एवं महाप्रसाद का वितरण किया गया। मौके पर सैकड़ों की संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र चौबे ने किया। जबकि धन्यवाद ज्ञापन सत्संग समिति के अध्यक्ष प्रदीप पोद्दार ने किया। वहीं, प्रमोद मेहरा ने एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।



