
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बरेली : आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में तनाव, उच्च रक्तचाप (ब्लड प्रेशर), मधुमेह (शुगर), मोटापा, अनिद्रा तथा हृदय रोग जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे समय में योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सुखमय जीवन जीने की एक संपूर्ण जीवन पद्धति है। प्रत्येक वर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य लोगों को योग के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। जिला इको क्लब प्रभारी प्रवीण कुमार शर्मा ने बताया
योग का महत्व युवाओं और बुजुर्गों दोनों के लिए समान रूप से है। युवाओं के लिए योग शारीरिक क्षमता, एकाग्रता, आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन बढ़ाता है। नियमित योगाभ्यास से तनाव कम होता है तथा पढ़ाई, रोजगार और दैनिक कार्यों में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता विकसित होती है। वहीं बुजुर्गों के लिए योग शरीर की लचीलापन बनाए रखने, जोड़ों के दर्द को कम करने, रक्त संचार सुधारने और मानसिक शांति प्रदान करने में सहायक होता है।
योग व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाता है। प्राणायाम और ध्यान मानसिक तनाव को कम कर सकारात्मक सोच विकसित करते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम स्वयं योग करेंगे और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज को भी योग के प्रति जागरूक करेंगे। स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक जीवन के लिए योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाना समय की आवश्यकता है।
“योग अपनाइए, रोग भगाइए और स्वस्थ भारत के निर्माण में अपना योगदान दीजिए।”


