बागपत

यज्ञ भारतीय संस्कृति का प्राण : डॉ. तरुण तोमर

महर्षि दयानंद सरस्वती वैदिक महाविद्यालय में वर्षभर दैनिक यज्ञ का शुभारंभ

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बड़ौत/बागपत :  चौधरी केहर सिंह एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा संचालित महर्षि दयानंद सरस्वती वैदिक महाविद्यालय, कोताना रोड, बड़ौत के पावन प्रांगण में विशेष यज्ञ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय में पूरे वर्ष प्रतिदिन दैनिक यज्ञ किए जाने का शुभारंभ हुआ। यज्ञ के माध्यम से विद्यार्थियों में वैदिक संस्कृति, संस्कार, आध्यात्मिक चेतना और राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में कैंसर विशेषज्ञ डॉ. तरुण तोमर ने कहा कि आज का दिन महाविद्यालय और क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक है। महाविद्यालय परिसर में आज से वर्षभर दैनिक यज्ञ की परंपरा प्रारंभ हो रही है। उन्होंने कहा कि यज्ञ भारतीय संस्कृति का प्राण और वैदिक जीवन पद्धति का महत्वपूर्ण आधार है। यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा, सकारात्मक चिंतन, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र है।
डॉ. तरुण तोमर ने कहा कि वर्तमान समय में युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और भारतीय संस्कृति से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। महाविद्यालय में नियमित यज्ञ के माध्यम से विद्यार्थियों को वेदों, वैदिक विचारधारा और भारतीय जीवन मूल्यों से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा। यहां से संस्कार, सद्भावना, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रभक्ति का संदेश समाज तक पहुंचाने का कार्य किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अच्छे विचार व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति का संचार करते हैं। यज्ञ के वातावरण में सामूहिक रूप से बैठना, मंत्रोच्चार करना और अनुशासन के साथ आध्यात्मिक गतिविधियों में शामिल होना विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में भी सहायक हो सकता है। यज्ञ की परंपरा भारतीय समाज में प्राचीन काल से मानव जीवन का अभिन्न हिस्सा रही है।
डॉ. तोमर ने यह भी कहा कि आधुनिक समय में यज्ञ को केवल धार्मिक दृष्टि से देखने के बजाय इसके विभिन्न पहलुओं पर वैज्ञानिक और अकादमिक स्तर पर भी अध्ययन किया जा रहा है। विश्वविद्यालयों में यज्ञ विज्ञान और उसके विभिन्न आयामों पर शोध कार्य किए जा रहे हैं। आवश्यकता है कि प्राचीन ज्ञान परंपरा को आधुनिक संदर्भों के साथ समझते हुए नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने कहा कि महाविद्यालय परिसर में वर्षभर होने वाला दैनिक यज्ञ विद्यार्थियों के लिए केवल एक नियमित कार्यक्रम नहीं रहेगा, बल्कि यह संस्कार, अनुशासन, आध्यात्मिक ऊर्जा और भारतीय संस्कृति से जुड़ने का माध्यम बनेगा। युवा पीढ़ी जब अपनी संस्कृति और वैदिक परंपराओं को समझेगी तो वह समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी बेहतर ढंग से समझ सकेगी।
कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से यज्ञ संपन्न कराया गया। उपस्थित लोगों ने यज्ञ में आहुति देकर समाज में शांति, सद्भाव, स्वस्थ जीवन, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र की उन्नति की कामना की।
इस अवसर पर डॉ. मनीष तोमर, डॉ. शस्या तोमर, पुरोहित उदय मुनि, धर्मपाल सिंह त्यागी, प्रधानाचार्य रामपाल सिंह, रवि शास्त्री, योगाचार्य मुकेश विद्यालंकर, आर्यन, श्रीमती यामिनी, श्रीमती मीनाक्षी तोमर सहित महाविद्यालय से जुड़े शिक्षक, विद्यार्थी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
वर्षभर जारी रहेगी यज्ञ की परंपरा
महाविद्यालय प्रबंधन के अनुसार दैनिक यज्ञ का उद्देश्य विद्यार्थियों को वैदिक संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने के साथ-साथ परिसर में सकारात्मक एवं आध्यात्मिक वातावरण तैयार करना है। वर्षभर नियमित रूप से होने वाला यह यज्ञ महाविद्यालय की दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।
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