गाजियाबाद

उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों में अब वेबकैम से होगी कर्मचारियों की फेस रिकग्निशन आधारित उपस्थिति

1 से 10 जुलाई तक होगा पायलट परीक्षण, 11 जुलाई 2026 से पूरे प्रदेश में नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी गाजियाबाद : उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों में कार्यरत कर्मचारियों की उपस्थिति व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनाने के लिए पंचायतीराज विभाग ने फेस रिकग्निशन आधारित नई उपस्थिति प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह ने सभी जिला पंचायत राज अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
जारी आदेश के अनुसार पंचायत सचिवालयों में स्थापित डेस्कटॉप कंप्यूटर के वेबकैम के माध्यम से कर्मचारियों की दैनिक उपस्थिति दर्ज की जाएगी। यह व्यवस्था वर्तमान में मोबाइल आधारित ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली के अतिरिक्त एक वैकल्पिक माध्यम के रूप में लागू की जा रही है, जिससे कर्मचारियों की नियमित एवं समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित की जा सके।
निर्देशों में सभी पंचायत सचिवालयों में अगले तीन कार्यदिवस के भीतर डेस्कटॉप, इंटरनेट कनेक्टिविटी और वेबकैम को पूर्णतः क्रियाशील (फंक्शनल) रखने के आदेश दिए गए हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी और संबंधित सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) डैशबोर्ड के माध्यम से कर्मचारियों की उपस्थिति की निगरानी करेंगे। बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने या फेस रिकग्निशन के माध्यम से उपस्थिति दर्ज न करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

विभाग के अनुसार मोबाइल से उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था फिलहाल जारी रहेगी। जिन पंचायत सहायकों के पास मोबाइल उपलब्ध नहीं है या अन्य तकनीकी कारण हैं, वे वेबकैम के माध्यम से भी अपनी उपस्थिति दर्ज कर सकेंगे।

नई फेस रिकग्निशन प्रणाली का परीक्षण प्रदेश के प्रत्येक जनपद की दो-दो ग्राम पंचायतों में 1 जुलाई से 10 जुलाई 2026 तक किया जाएगा। इसके बाद 11 जुलाई 2026 से इसे पूरे प्रदेश में गो-लाइव करने की तैयारी है। निदेशक ने सभी अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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