
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मथुरा। मथुरा रिफाइनरी कर्मचारियों के सूत्रों ने दावा किया है कि रिफाइनरी में 15 दिवसीय मेंटेनेंस का कार्य 28 जून तक चला। इसके बाद विभिन्न इकाइयों को चरणबद्ध तरीके से दोबारा चालू किया जा रहा था। इसी क्रम में बुधवार सुबह 10 बजे एफसीसी प्लांट को शुरू करने के लिए जैसे ही वाल्व खोला अचानक गर्म तेल का रिसाव होने लगा, जिससे वहां कार्य कर रहे दो संविदा कर्मचारी पीलुआ सादिकपुर निवासी दीनदयाल उर्फ देना (40) और पश्चिम बंगाल निवासी रफीक (59) गर्म तेल की चपेट में आग गए। घटना में दीनदयाल लगभग 60 प्रतिशत जबकि रफीक 10 प्रतिशत झुलस गए। गंभीर स्थिति में दोनों को एंबुलेंस से प्राथमिक उपचार के लिए दिल्ली के अपोलो अस्पताल ले जाया गया। इधर, रिफाइनरी प्रबंधन ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि एफसीसी यूनिट में नियमित रखरखाव और मेंटेनेंस का काम चल रहा था। इसी दौरान यह घटना हुई है। वहीं रिफाइनरी के पीआरओ व सीनियर मैनेजर विवेक शर्मा ने बताया कि घायलों काे बेहतर इलाज के लिए दिल्ली रेफर किया गया है। घटना के बाद भी रिफाइनरी का परिचालन पूरी तरह से सामान्य है और उत्पादन कार्य जारी है।दो दिन पहले रिफाइनरी के नौ नंबर गेट पर स्थित केबिन में आग लग गई थी। इससे कुछ देर के लिए रिफाइनरी में अफरातफरी का माहौल हो गया था। हालांकि रिफाइनरी के सुरक्षाकर्मियों ने आग पर काबू पा लिया था।



