फुसरो नगर परिषद के वार्ड-7 में सड़क निर्माण पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने लगाया अनियमितता का आरोप, निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई की मांग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बोकारो। फुसरो नगर परिषद के वार्ड संख्या-7 स्थित सेन्ट्रल कॉलोनी, मकोली में 28 जून 2026 से चल रहे सड़क निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। नागरिकों का कहना है कि ए-टाइप शिव मंदिर से साईं मंदिर होते हुए मकोली मोड़, अम्बे कॉलोनी से साईं मंदिर तथा साईं मंदिर से मकोली मोड़ तक बन रही सड़क का निर्माण स्वीकृत प्राक्कलन (एस्टीमेट) के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। मामले को लेकर जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से उच्चस्तरीय तकनीकी जांच की मांग की गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क की चौड़ाई और ऊँचाई निर्माण के विभिन्न हिस्सों में एक समान नहीं रखी गई है। उनका आरोप है कि कहीं सड़क लगभग 30 फीट, कहीं 25 फीट, कहीं 20 फीट तथा कुछ स्थानों पर मात्र 8 फीट चौड़ी बनाई जा रही है। इसी प्रकार सड़क की ऊँचाई भी अलग-अलग स्थानों पर रखी जा रही है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि बालू की मात्रा कम देकर उसकी जगह डस्ट (छाई) का अधिक उपयोग किया जा रहा है, जबकि गिट्टी की मात्रा अधिक एवं सीमेंट की मात्रा अपेक्षाकृत कम रखी जा रही है। लोगों का दावा है कि अधिक डस्ट मिलाए जाने से देखने में सीमेंट पर्याप्त प्रतीत होता है, लेकिन वास्तविकता इससे अलग है।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया है कि जिन लोगों की भूमि इस सड़क निर्माण से प्रभावित हो रही है, उनसे पूर्व में कोई अनुमति या सहमति नहीं ली गई। कुछ लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों एवं कथित दलालों के हस्तक्षेप में कराया जा रहा है। शिकायत करने पर कथित रूप से उन्हें यह कहकर अनसुना कर दिया जाता है कि “जिसको जो करना है कर लो, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, फुसरो नगर परिषद एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि पूरे सड़क निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए, स्वीकृत एस्टीमेट एवं निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच कर दोषियों की पहचान की जाए। साथ ही यदि जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है तो संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।




