
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
धनबाद। धनबाद नागर निगम के विरुद्ध बाघमारा विधयाक धरने पर बैठे ,लग रहे थे मेयर नगर आयुक्त मुर्दाबाद के नारे महज 2 दिन की बारिश ने कतरास के पचगढ़ी बाजार को पूरी तरह हाईजैक कर लिया। सड़कें नदी बन गईं, नालियां उफान पर आ गईं, दुकानों में गंदा पानी घुस गया और आम लोगों की जिंदगी ठहर सी गई।
धनबाद जिले के कतरास में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। कतरास का सबसे व्यस्त इलाका पचगढ़ी सब्जी बाजार घुटनों तक पानी में डूब चुका है। दुकानदार अपना सामान बचाने में जुटे हैं, ग्राहक बाजार आने से कतरा रहे हैं और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है।इसी बीच बाघमारा विधायक शत्रुघ्न_महतो भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ सोमवार को सब्जी मार्केट के बीच सड़क पर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। “नगर आयुक्त मुर्दाबाद”, “मेयर मुर्दाबाद” और “पार्षद मुर्दाबाद” के नारे पूरे बाजार में गूंजते रहे।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन नेताओं ने वर्षों तक जनता को विकास के सपने दिखाकर वोट मांगे, सत्ता में पहुंचने के बाद आखिर वही जनता हर बरसात में इस बदहाली का शिकार क्यों बनती है? क्या जनता की परेशानी केवल धरना देने तक ही सीमित रह जाएगी, या इसका स्थायी समाधान भी निकलेगा?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च कर नालियां तो बना दी गईं, लेकिन उनकी समय पर सफाई नहीं हुई। कई जगह घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल और भ्रष्टाचार के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। नतीजा यह है कि हल्की बारिश भी पूरे बाजार को तालाब में बदल देती है।
आज पचगढ़ी बाजार डूबा है… कल कोई और इलाका डूबेगा। अगर जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि समय रहते नहीं चेते, तो हर बरसात में यही तस्वीर दोहराई जाएगी। धरने होंगे, नारे लगेंगे, आरोप-प्रत्यारोप होंगे… लेकिन पानी में डूबे रहेंगे सिर्फ आम लोग। अब देखने वाली बात यह होगी कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस संकट का स्थायी समाधान निकालते हैं या फिर हर साल की तरह इस बार भी बारिश थमने के साथ-साथ सारे वादे और दावे भी बह जाएंगे।



