बरेली
EWS छात्रों के हक पर लोकसभा में अधूरा सच, सरकार के पास जिलावार आंकड़े नहीं
सांसद नीरज मौर्य ने पारदर्शिता और निगरानी तंत्र पर उठाए सवाल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बरेली। आंवला-बरेली लोकसभा क्षेत्र से सपा सांसद नीरज मौर्य ने संसद के मानसून सत्र में EWS छात्रों के आरक्षण का मुद्दा उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि EWS के तहत पात्रता मानदंड क्या हैं, सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी संस्थानों में प्रवेश अनिवार्य है या नहीं, पिछले 5 वर्षों में राज्यवार-जिलावार कितने छात्रों को प्रवेश मिला और निगरानी तंत्र क्या है। विशेष रूप से बरेली, मुरादाबाद, बदायूं, शाहजहांपुर, मेरठ, नोएडा व गाजियाबाद के आंकड़े मांगे।
सरकार ने जवाब में शिक्षा को समवर्ती सूची का विषय बताकर आंकड़े देने से बचते हुए केवल AISHE रिपोर्ट के आंकड़े दिए। बताया कि 2020-21 में 4.68 लाख EWS छात्रों का नामांकन 2023-24 में बढ़कर 8.99 लाख हुआ और केंद्रीय संस्थानों में सीटों के लिए 4315.15 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
सांसद ने कहा कि यदि सरकार बजट का दावा करती है तो पात्र छात्रों को सीटें मिलना भी सुनिश्चित करे।



