राजनीतिराष्ट्रीयलखनऊ

वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के 3.50 लाख शिक्षकों को भी मिलेगी कैशलेस चिकित्सा

शासन ने दिए निर्देश

लखनऊ। यूपी के माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को भी कैशलेस इलाज का तोहफा मिलेगा। इसको लेकर शासन के द्वारा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
प्रदेश के 2500 से अधिक वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के लगभग 3.50 लाख से अधिक शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शासन ने इसके लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक को यहां के शिक्षकों के चिन्हांकन व रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश दिए हैं।
माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से फरवरी में राजकीय व अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिए जाने के निर्देश दिए थे। साथ ही यह कहा था कि वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों का कोई अधिकृत आंकड़ा नहीं है। इसलिए इनके चिन्हांकन के लिए अलग से आदेश जारी किया जाएगा।
इस क्रम में माध्यमिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव उमेश चंद्र द्वारा जारी आदेश में कहा है कि वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों का सीएम शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के लिए विकसित पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। शिक्षक खुद व अपने आश्रित का पोर्टल पर आधार कार्ड के अनुसार विवरण दर्ज करेंगे। उनके आवेदन का प्रधानाध्यापक-प्रधानाचार्य सत्यापन कर इसको अग्रसारित करेंगे। इसमें वे शिक्षक की नियुक्ति नियमानुसार होने व कार्यरत होने का परीक्षण करेंगे।
इसके साथ ही संबंधित शिक्षक के किसी कारण से विद्यालय से अलग होने की स्थिति में प्रधानाचार्य-प्रधानाध्यापक डीआईओएस को इससे अवगत कराएं। ऐसे शिक्षकों को योजना से अलग रखा जाएगा। वहीं प्रधानाध्यापक-प्रधानाचार्य द्वारा आवेदन को प्रमाणित करने के बाद अंतिम अनुमोदन डीआईओएस द्वितीय करेंगे। डीआईओएस सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद आवेदन स्वीकृत करेंगे। इस क्रम में माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
राजकीय व एडेड में 55 हजार रजिस्ट्रेशन-माध्यमिक शिक्षा विभाग साचीस द्वारा विकसित पोर्टल पर राजकयी मा अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों का रजिस्ट्रेशन करा रहा है। इसकी गति अपेक्षाकृत धीमी है। अभी तक लगभग 55 हजार शिक्षकों व उनके आश्रितों को लेकर 1.72 लाख लोगों का रजिस्ट्रेशन कर चुका है। वहीं लगभग 10 हजार आवेदन डीआईओएस व प्रधानाचार्य के स्तर पर लंबित हैं।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button