वैर थाने में 16 महीने पूर्व दर्ज हुई गुमशुदगी का मामला हत्या में बदला
16 महीने बाद सुलझी प्रहलाद बैरवा हत्याकांड की गुत्थी, दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
भुसावर। वैर थाना कस्बे से करीब 16 महीने पहले रहस्यमय तरीके से लापता हुए वैर थाने के हरिहर का नगला निवासी प्रहलाद बैरवा की गुमशुदगी का मामला वैर थाने में दर्ज हुआ था।
गुमशुदगी का मामला अब हत्या के रूप में सामने आया है। वैर तथा भरतपुर पुलिस ने लंबे समय तक चली जांच, तकनीकी साक्ष्यों और विशेष जांच दल (एसआईटी) की पड़ताल के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, परीक्षा में पास कराने के नाम पर लिए गए रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने प्रहलाद की हत्या की साजिश रची और उसे धौलपुर ले जाकर गला घोंटकर मार डाला।भरतपुर पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा ने बताया कि 26 मार्च 2025 को वैर थाने में प्रहलाद बैरवा के अपहरण का मामला दर्ज हुआ था। जांच के दौरान कई पुलिस टीमों ने काम किया और बाद में एसआईटी का गठन कर मामले की दोबारा गहन पड़ताल की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय के नेतृत्व में जांच को नई दिशा दी गई, जिसके बाद तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर सूचना और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर वैर थाने के सिरस गांव निवासी जितेंद्र उर्फ धर्मेंद्र धाकड़ और विनोद मीणा को गिरफ्तार किया गया।पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे प्रहलाद को बहाने से वैर से अपने साथ ले गए और गढ़ी बाजना होते हुए धौलपुर के सुनसान इलाके में उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को इस तरह ठिकाने लगाया कि लंबे समय तक किसी को कोई सुराग नहीं मिला। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने मृतक के अवशेष भी बरामद कर लिए हैं।पुलिस के अनुसार हत्या के पीछे पैसों का विवाद था। प्रहलाद ने परीक्षा में पास कराने के नाम पर आरोपियों में से एक को रुपये दिए थे।
जब उसने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो आरोपियों ने उसकी हत्या की योजना बना ली।
एसपी राजेश मीणा ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए मोबाइल तकनीकी विश्लेषण, संदिग्धों से गहन पूछताछ, पॉलिग्राफ टेस्ट और अन्य वैज्ञानिक जांच का सहारा लिया गया। मजबूत साक्ष्य मिलने के बाद ही आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब इस हत्याकांड से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।




