मंत्री केदार कश्यप ने पोटियाडीह में औषधीय खेती का किया अवलोकन।
महिला समूहों को बताया आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम।

महिला स्व-सहायता समूह की नर्सरी का निरीक्षण कर किया उत्साहवर्धन, 65 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान।
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
धमतरी। वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने आज धमतरी जिले के ग्राम पोटियाडीह पहुंचकर जिला प्रशासन की पहल पर विकसित औषधीय पौधों की खेती एवं महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित नर्सरी का अवलोकन किया। उन्होंने औषधीय खेती को ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और सतत आजीविका का प्रभावी माध्यम बताते हुए इस क्षेत्र में अधिकाधिक सहभागिता का आह्वान किया।
निरीक्षण के दौरान सहकारिता मंत्री ने गायत्री-इंदिरा स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद कर उनके कार्यों की जानकारी ली। समूह की महिलाओं ने बताया कि वे वर्तमान में लगभग चार एकड़ क्षेत्र में ब्राह्मी और खस जैसे औषधीय पौधों का उत्पादन कर रही हैं। उन्होंने नर्सरी संचालन, पौध उत्पादन तथा इससे होने वाली आय के संबंध में भी जानकारी साझा की। सहकारिता मंत्री ने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि औषधीय पौधों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह गतिविधि ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थायी आय का बेहतर विकल्प बन सकती है।
इस अवसर पर कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि जिले में महिला स्व-सहायता समूहों को आजीविका से जोड़ने और अनुपयोगी भूमि का उत्पादक उपयोग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से औषधीय पौधों की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। वर्तमान में जिले के लगभग 200 एकड़ क्षेत्र में ब्राह्मी, खस, बच, सिंदूरी एवं सतावर जैसे औषधीय पौधों की खेती की जा रही है, जिसे आगामी चरण में बढ़ाकर लगभग 600 एकड़ तक विस्तारित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि यह पहल केवल कृषि विविधीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने, स्व-सहायता समूहों की आय बढ़ाने तथा औषधीय एवं सुगंधित फसलों के माध्यम से मूल्य संवर्धन और बाजार से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हो रही है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने के साथ महिला सशक्तिकरण को भी बल मिलेगा।
सहकारिता मंत्री ने गायत्री-इंदिरा स्व-सहायता समूह को औषधीय पौध उत्पादन को और विस्तार देने के लिए 65 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का चेक भी प्रदान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और औषधीय पौधों की खेती इस दिशा में एक प्रभावी पहल है। इस अवसर पर जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष निरंजन सिन्हा, छत्तीसगढ़ राज्य औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जयंत नाहटा, वनमंडलाधिकारी कृष्ण जाधव सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य उपस्थित थीं।




