चकबंध कार्य में फर्जी मस्टर रोल, बिना काम भुगतान और हाजिरी में गड़बड़ी की पुष्टि
वसूली न होने पर दोषियों पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
माधौगढ (जालौन)। ग्राम पंचायत सुरपतिपुरा में मनरेगा के तहत चकबंध निर्माण कार्य में कथित फर्जीवाड़े पर लोकपाल (मनरेगा) ने बड़ा फैसला सुनाया है। जांच में फर्जी मस्टर रोल, संदिग्ध हाजिरी और बिना कार्य कराए भुगतान के आरोप सही पाए जाने पर 1,63,056 रुपए की वसूली ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव और तकनीकी सहायक से समानुपातिक रूप से करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही राशि जमा न करने पर संबंधितों के खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
लोकपाल जी.एस. सेंगर के 31 जुलाई 2024 के आदेश के अनुसार, गांव बुढ़नपुरा निवासी मान सिंह की शिकायत पर जांच की गई थी। आरोप था कि रजवाहा से बुढ़नपुरा तक चकबंध निर्माण कार्य कागजों में दिखाकर फर्जी मस्टर रोल के जरिए सरकारी धन का भुगतान कर दिया गया। जांच के लिए शिकायतकर्ता के अलावा ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव, तकनीकी सहायक, ग्राम रोजगार सेवक और खंड विकास अधिकारी को सूचना दी गई थी, लेकिन शिकायतकर्ता को छोड़ कोई भी मौके पर उपस्थित नहीं हुआ। निरीक्षण, ऑनलाइन अभिलेखों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर लोकपाल ने पाया कि महिला मेट द्वारा दर्ज की गई उपस्थिति और पोर्टल पर अपलोड फोटो मस्टर रोल में दर्ज श्रमिकों से मेल नहीं खाते। कई श्रमिक दूसरे गांवों के पाए गए, जबकि नियमों के अनुसार इतनी दूरी से मजदूरों की उपस्थिति संदेहास्पद मानी गई। लोकपाल ने मस्टर रोल संख्या 4696 से 4699 तथा 5178 से 5180 तक हुए कुल 1,63,056 रुपए के भुगतान की वसूली के आदेश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि वसूली की धनराशि मनरेगा खाते में जमा कराई जाए। ऐसा न होने पर दोषियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई जाए। इसके अलावा कथित अनियमितता में शामिल महिला मेट संध्या सिंह के विरुद्ध निष्कासन की कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं।


