
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। ग्राम गोधना से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और लोककल्याण की मंगलकामना के साथ निकली 170 किलोमीटर की जामसावली हनुमान मंदिर पैदल यात्रा शुक्रवार को अपने चतुर्थ एवं अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई। चार दिनों तक भगवान श्रीराम और संकटमोचन हनुमान के जयकारों से गूंजते मार्ग पर चलते हुए सभी श्रद्धालु आज शनिवार शाम जामसावली धाम पहुंचकर पावन दरबार में अपनी हाजिरी लगाएंगे। शनिवार सुबह 5 बजे मंदिर परिसर में सामूहिक महाआरती एवं विशेष पूजन-अर्चन के साथ यात्रा का विधिवत समापन होगा, जिसके बाद सभी श्रद्धालु अपने-अपने घरों के लिए रवाना होंगे।
प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली इस आस्था यात्रा का नेतृत्व भारतीय सेना के जवान कन्हैया यादव ने किया। उन्होंने बताया कि बजरंगबली की असीम कृपा से इस वर्ष की यात्रा अत्यंत सुगम, आनंददायक और सफल रही। मार्ग में जगह-जगह हनुमान भक्तों द्वारा भोजन, पेयजल और विश्राम की गई व्यवस्थाओं ने सभी यात्रियों का मन जीत लिया। उन्होंने ग्राम के युवाओं के सहयोग की भी सराहना करते हुए इसे यात्रा की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया।
यात्रा के प्रेरणास्रोत सेवकराम यादव ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2007 में पहली बार जामसावली धाम के दर्शन किए थे। उसी प्रेरणा के परिणामस्वरूप आज गांव के लगभग 75 प्रतिशत लोग जामसावली हनुमान जी के दर्शन कर चुके हैं। वहीं यात्रा प्रभारी रितेश यादव ने कहा कि हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या और आस्था दोनों बढ़ रही हैं। उनका प्रयास रहेगा कि आस्था का यह सिलसिला लगातार जारी रहे। इस वर्ष आसपास के अन्य गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा से जुड़े, जिससे आयोजन और अधिक भव्य एवं दिव्य बन गया।
इस वर्ष की 170 किलोमीटर लंबी पदयात्रा में कन्हैया यादव, रितेश यादव, दुर्गेश यादव, राजा यादव, प्रशांत आर्य, सेवक यादव, हरिओम यादव, कोमल यादव, अशोक यादव, मुकेश यादव, सागर यादव, रोहित यादव, अंकित यादव, अनिल यादव, अजय कुमरे, देबीराम परते, शिवम इवने, अरविंद इवने, लवकेश मर्सकोले, सरगम टेकाम, प्रांशु धुर्वे गोधना, अंकित यादव जामली, प्रफुल यादव दुमका, बल्लू यादव पातरी, कलेशिंग धुर्वे, मनोज धुर्वे, राजेश कवड़े देवगांव चौकी, विक्रम यादव बीरपुर, राजू यादव बीरपुर, मोहित यादव बीरपुर, हेमंत यादव बारंगवाड़ी, सत्यम यादव मण्डई, निलेश यादव खेड़ी तथा अंकित यादव गोधना सहित कुल 34 श्रद्धालुओं ने सहभागिता निभाई। श्रद्धालुओं ने यात्रा की सफल पूर्णता का श्रेय संकटमोचन हनुमान की कृपा, सामूहिक आस्था और ग्रामीणों के सहयोग को दिया।



