
मेरठ। राष्ट्रीय राजमार्ग-58 स्थित बागपत बाईपास क्रॉसिंग पर भाजपा महानगर कोषाध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता अमित कुमार गर्ग (मूर्ति) के नेतृत्व में स्थापित कांवड़ सेवा शिविर इन दिनों शिव भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। परिवार के चारों भाइयों के सहयोग से संचालित यह शिविर अपनी भव्य व्यवस्थाओं, स्वच्छता, शुद्ध भोजन और स्वभाव के लिए अलग पहचान बना रहा है।
शिविर में शिवभक्तों के लिए देसी घी में तैयार रोटियों और विभिन्न व्यंजनों की व्यवस्था आधुनिक मशीनों के माध्यम से की जा रही है। आयोजकों के अनुसार, सुसज्जित व्यवस्थाओं के साथ शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। यह परिवार द्वारा आयोजित पांचवां विशाल भंडारा है, जिसके माध्यम से संयुक्त परिवार की परंपरा, सनातन संस्कृति और सेवा भावना को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
सेवा शिविर की विशेषता केवल भोजन तक सीमित नहीं है। यहां शिवभक्तों के लिए होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक, एलोपैथिक और मसाज थेरेपी की निःशुल्क सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। आयोजकों का दावा है कि एक ही सेवा शिविर में इस प्रकार की विविध स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना इसे विशेष बनाता है।
शिविर प्रतिदिन सुबह 6 बजे से रात 2 बजे तक संचालित हो रहा है। यहां प्रतिदिन 2,000 से अधिक शिवभक्तों को प्रसाद एवं भोजन कराया जा रहा है। इसके अलावा शिव भक्तों के लिए प्रतिदिन करीब 350 लीटर दूध से चाय तैयार की जा रही है।
अमित गर्ग (मूर्ति) ने बताया कि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। शुद्ध देसी घी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने स्वयं कनेक्शन निकलवाया है, ताकि शिव भक्तों को साफ-सफाई के साथ गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा सके।
रोटियां बनाने के लिए ऑटोमेटिक मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे समय की बचत के साथ बड़ी संख्या में शिवभक्तों के लिए एक समान और व्यवस्थित तरीके से भोजन तैयार किया जा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी शिविर में विशेष पहल की गई है। पूरे शिविर में स्टील के बर्तन, प्लेट और चम्मच का इस्तेमाल किया जा रहा है तथा किसी भी प्रकार के प्लास्टिक के उपयोग को पूरी तरह रोकने का प्रयास किया गया है।
कांवड़ यात्रा के दौरान 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात प्रशासनिक कर्मचारी, पुलिसकर्मी, बिजली विभाग और सफाई कर्मचारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी शिविर में पहुंचकर भोजन ग्रहण कर रहे हैं। आयोजकों के अनुसार, कांवड़ यात्रियों के साथ-साथ यात्रा व्यवस्था में जुटे कर्मचारियों की सेवा करना भी शिविर के उद्देश्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अमित गर्ग (मूर्ति) और उनके परिवार का कहना है कि सेवा, स्वच्छता, शुद्ध भोजन और सनातन परंपराओं के प्रति समर्पण ही इस कांवड़ सेवा शिविर की मूल भावना है। यही समर्पण और सुव्यवस्थित व्यवस्थापन शिविर की सफलता का प्रमुख आधार बन रहा है।




