
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बोकारो। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर परम वीर अब्दुल हमीद स्मारक भवन, संडे बाजार में शोषित मुक्ति वाहिनी एवं यूनाइटेड मिल्ली फोरम के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में आदिवासी भाई-बहनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोगों की भागीदारी रही।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संयुक्त रूप से यूनाइटेड मिल्ली फोरम के प्रदेश महासचिव अफजल अनीस एवं शोषित मुक्ति वाहिनी के अध्यक्ष श्याम मुंडा ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत में अपने संबोधन में अफजल अनीस ने विश्व आदिवासी दिवस मनाने के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिन केवल उत्सव का नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति, परंपरा और अधिकारों की रक्षा के संकल्प को मजबूत करने का दिन है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में आदिवासी समाज अपने अस्तित्व, जल-जंगल-जमीन और संवैधानिक अधिकारों को बचाने के लिए निरंतर संघर्ष कर रहा है। ऐसे में यह दिवस एकजुट होकर अपनी विरासत को बचाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित करने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर आदिवासी समाज के मुद्दों को लेकर संघर्ष करने वाले एवं समाज को जागरूक करने वाले कई सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। इनमें जीतेन्द्र चैम्पया, दिनेश मुर्मू, श्याम मुंडा, लता गोड सोरा, आशा हेमब्रम, रानी देवी, बाबू चंद किस्कू, राम राय हेमबरम सहित अन्य प्रमुख नाम शामिल रहे।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। ऊपरघाट बड़की कुड़ी से आए नन्हे कलाकारों ने “हमर छोटानागपुर” गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत लिया। इन कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए संगठन की ओर से नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
शोषित मुक्ति वाहिनी के संरक्षक सुबोध सिंह पवार ने अपने संबोधन में कहा कि आदिवासी समाज ने प्रकृति से जीवन जीने की कला सीखी है—नदियों से चलना, हवा से झूमना, अग्नि से संघर्ष सहना और पहाड़ों से अपने अस्तित्व की रक्षा करना। उन्होंने कहा कि आज आदिवासी समाज पर विभिन्न प्रकार के हमले हो रहे हैं, ऐसे में सभी को एकजुट होकर आदिवासी संस्कृति और आदिवासीयत के अस्तित्व की रक्षा करनी होगी।
इस अवसर पर राकेश नायक, अविनाश सिन्हा एवं मुखिया प्रतिनिधि मुन्ना सिंह ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में स्वागत भाषण मुन्ना सिंह ने दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन शिबू चक्रवर्ती द्वारा किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन शोमुवा के सलाहकार जयनाथ तांती ने किया। कार्यक्रम में लक्ष्मण हेसा, सरोज मास्टर, मो. जावेद अंसारी, जेड खान, पीताम्बर मुंडा, मन्नू हरी, रंजीत घांसी, अमृता किस्कू सहित बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग उपस्थित रहे।



