
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
महगामा। हनवारा क्षेत्र के कई गांवों में अब तक धान की रोपनी शत-प्रतिशत पूरी नहीं हो सकी है। पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण खासकर ऊंची जमीन वाले खेतों में पानी का अभाव बना हुआ है। ऐसे में किसान धान की रोपनी के लिए बोरिंग, तालाब और अन्य जलस्रोतों का सहारा ले रहे हैं। कई किसान मोटर पंप के जरिए खेतों में पानी पहुंचाकर किसी तरह रोपनी का कार्य पूरा करने में जुटे हैं।किसानों का कहना है कि बीते दिनों लगातार बारिश हुई थी तो निचले खेतों में पानी के सहारे रोपनी हो गई है, वहीं ऊंचे खेतों में पर्याप्त नमी और पानी नहीं होने के कारण जमीन खाली पड़ी है। लगातार बारिश का इंतजार कर रहे किसानों की चिंता अब बढ़ने लगी है। बिचड़ा तैयार होने के बावजूद समय पर 75 प्रतिशत भी रोपनी नहीं होने से फसल की पैदावार प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।हालांकि महगामा प्रखंड में बारिश की कमी के कारण धान की खेती प्रभावित होने की स्थिति पहले भी सामने आ चुकी है। जुलाई के अंत में भी किसानों द्वारा तालाब, बांध और मशीनों के सहारे खेती बचाने की स्थिति सामने आई थी। लेकिन अगस्त के पहले सप्ताह में हुई बारिश से अच्छा खासा रोपा हुआ है। किसान अनूप यादव, ललित सिंह, शफीक अहमद, इब्राहिम शेख, अनिरुद्ध आदि ने बताया कि डीजल और सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च होने से खेती की लागत बढ़ रही है। बारिश नहीं हुई तो सूखा का मार झेलना पड़ेगा।वहीं, बारिश पर निर्भर किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या ऊंची जमीन पर रोपनी पूरी करने की है।



