
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बोकारो। बंगाल, झारखंड, उड़ीसा के सीमावर्ती इलाकों में धूमधाम से होती है मां मनसा की पूजा अर्चना
नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो। बोकारो। बंगाल झारखंड और उड़ीसा के सीमावर्ती इलाकों में सावन माह के संक्रांति तिथि से लेकर पूरे भादो माह तक सर्पों की देवी मां मनसा की पूजा अर्चना भक्तजन पूरी विधि विधान के साथ करते हैं। आज सोमवार को संजोत के साथ मां मनसा देवी की तीन दिवसीय पूजनोउत्सव शुरू हुआ। कल मंगलवार को भक्तजन दिन भर उपवास रखकर देर शाम मां मनसा देवी की पूरी विधि विधान के साथ पूजा अर्चना करेंगे। इसके पूर्व बाड़ी पूजा के लिए लोग अपने घर के नजदीक स्थित नदी तालाब जाएंगे वहां पूजा अर्चना कर बाड़ी जल लेकर मां मनसा देवी मंडप या पूजा स्थल पर आएंगे। तत्पश्चात मां मनसा की पूजा अर्चना किए जाएंगे। पूजा अर्चना के बाद मनसा मंगल जात यानी रात्रि जागरण के लिए गीत संगीत का आयोजन किए जाते हैं। अहले सुबह मां की पूजा के बाद बली का आयोजन किए जाते हैं। बली में बकरा भेड बतख कबूतर की बली दिए जाते हैं। बली के बाद भक्तजन पारण करते हैं। शाम में गाजे बाजे की धुन पर नाचते गाते हुए मां मनसा की विसर्जन शोभा यात्रा निकाली जाती है और नजदीक के नदी तालाब में मां का विसर्जन इस आहवान के साथ किया जाता है कि अगले वर्ष पुन: पूजनोउत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस बरसात के मौसम में किसान खेत बारी और खुले मैदान में खेती किसानी के कार्य करते हैं इस दौरान विष धर सांपों के निकलने काटने का डर बना रहता है लेकिन खेती किसानी धानरोपा वगैरह समाप्त की ओर होने पर मां के प्रति आभार कृतज्ञता प्रकट करने के लिए मनसा पूजा का विधि विधान के साथ पूजा किया जाता है।
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