भरत पुर
विकास के नाम पर 5 रुपए नहीं लगे इस गांव में, स्थानीय ग्रामीणों की पीड़ा।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
भुसावर। वैर विधानसभा क्षेत्र की सिरस ग्राम पंचायत का नरहरपुर गांव आज भी मूलभूत विकास को तरस रहा है। विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाली सरकारों और जनप्रतिनिधियों की जमीनी हकीकत यह है कि गांव की मुख्य सड़क सालों से खस्ताहाल पड़ी है और ग्रामीण नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। हालत यह है कि मोक्षधाम जाने वाले मुख्य मार्ग की स्थिति इतनी जर्जर हो चुकी है कि अंतिम यात्रा के दौरान भी ग्रामीणों को हर पल अर्थी सहित गिरने का डर सताता रहता है। क्षेत्रीय विधायक बहादुर सिंह कोली को ग्रामीणों ने तीन-तीन बार गांव बुलाकर लिखित में अपनी समस्या बताई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही हाथ लगे। चाहे पूर्ववर्ती सरकार रही हो या वर्तमान, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की इस घोर संवेदनहीनता ने प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दावों और भाषणों में विकास की गंगा बहाने वाले नेताओं के कानों पर जूं तक न रेंगना स्थानीय जनता के साथ सरासर छलावा है।तीन सूत्रीय मांगों को लेकर ग्रामीणों ने आज गुरुवार को रॉकी चौधरी के सानिध्य में वैर उपखंड अधिकारी को तीन सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।दिए गए ज्ञापन में रॉकी चौधरी,राजीव ,रामसजन ने बताया कि गांव के आम रास्ते खराब पड़े हुए हैं। गांव के रास्तों में इतना कीचड़ है कि गांव में होकर अर्थी को भी निकालना मुश्किल हो जाता है।कई बार जन प्रतिनिधियों व प्रशासन को अवगत कराया पर किसी ने कोई सुनवाई नहीं की।तीन सूत्रीय मांगों को लेकर आज उपखंड अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा है।जिसमें रास्ते को हालत को सही कराने व पानी की व्यवस्था,और श्मशान में सफाई आदि की मांगो को लेकर पांच दिन का समय प्रशासन को दिया है ।अगर पांच दिन में मांगे पूरी नहीं हुई तो ग्रामीणों की ओर से शांति पूर्वक धरना दिया जाएगा।ज्ञापन के समय रघवीर,रणधीर ,रंजीत,दिलीप,राजीव, जगबीर,कुंजबिहारी आदि ग्रामीण मौजूद रहे।



