भरत पुर
अंतरराज्यीय साइबर ठगी गैंग का मामला
दो खातों में 5 करोड़ का लेनदेन 48 बैंक खातों की जानकारी आना बाकी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
भरतपुर। राजस्थान में डीग पुलिस द्वारा दिल्ली से गिरफ्तार अंतरराज्यीय साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह के पाँच दर्जन से अधिक युवक युवतियों से जाँच में कई अहम खुलासे हुए है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दिल्ली के उत्तम नगर स्थित तीन मंजिला इमारत में तीन साल ये चल रहे इस खेल में 11 से 15 हजार रुपए के मानदेय के बदले इन युवाओं को रोज लाखों की ठगी का टारगेट दिया जाता था। लोगों को जाल में कैसे फंसाना है इसके लिए बाकायदा स्क्रिप्ट इनकी टेबल पर रखी होती थी। गिरोह के लिए काम करने बाले ये बेरोजगार युवक युवती खुद को एक्सिस, एचडीएफसी और यस बैंक का अधिकारी बता कर क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने और दूसरी बैंक सुविधाओं का झांसा देकर ओटीपी, सीवीवी, पैन कार्ड, जीमेल आईडी, जन्मतिथि और केवाईसी जैसी सीक्रेट जानकारी चुरा लेते थे। आरोपियों से बैंक अधिकारियों के फर्जी आईडी कार्ड तथा बड़ी मात्रा में ग्राहकों का बल्क डेटा भी बरामद हुआ है। एक्सिस बैंक डीग के शाखा प्रबंधक फूल सिंह की रिपोर्ट के बेनकाब हुए इस गिरोह का नेटवर्क किसी बैंक के कॉल सेंटर से कम नहीं था। पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह कई प्लेटफॉर्म से 8 हजार रुपए में 50 हजार लोगों का डेटा खरीदता था। गिरोह के लिए बेरोजगार युवाओं की तलाश जॉब पोर्टल पर कर उन्हें 11 से 15 हजार रुपए सैलरी का लालच देकर फर्जी कॉल सेंटर तक लाया जाता था। ज्यादा लोगों को ठगी के जाल में फंसाने वालों को कमीशन भी मिलता था। गिरोह ने कई नाबालिगों को भी अपने साथ जोड़ लिया था। गैंग के सदस्य एक ही व्यक्ति के नाम पर कई सिम जारी करवा कर उस का उपयोग कर रहे थे। ठगी का पैसा बदमाश करीब 50 बैंक खातों में डालकर उसे अलग-अलग बैंक खातों में घुमाते थे। दो बैक खातों की डिटेल अभी तक पुलिस को पता चली है। एक बैंक खाते में 3.2 करोड़ रुपए और दूसरे बैंक खाते में 1.7 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन होना सामने आया है। अभी 48 बैंक खातों की जानकारी सामने आना बाकी है।



