
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा : झारखंड में वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण और फॉर्म-7 के जरिए मतदाताओं के नाम काटने को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस पार्टी ने भाजपा पर संगठित तरीके से विरोधी मतदाताओं, विशेषकर अल्पसंख्यक, आदिवासी और दलित बूथों को निशाना बनाकर फर्जी फॉर्म-7 के माध्यम से नाम हटवाने का गंभीर आरोप लगाया है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा पूर्व में उठाए गए ‘वोट चोरी’ के मुद्दे का हवाला देते हुए गुरूवार को गोड्डा कॉग्रेस कार्यालय में कॉग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि अब यह बात कदम-दर-कदम सच साबित हो रही है। पार्टी का दावा है कि हाल ही में पचरुखी और बसंतराय के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों के अल्पसंख्यक बहुल बूथों पर दर्जनों ऐसे जीवित मतदाताओं के नाम काटने की कोशिश की गई, जो वर्षों से मतदान करते आ रहे हैं। इस संबंध में जीवित मतदाताओं के साक्ष्य, फोटो और शिकायतें भी प्रस्तुत की गई हैं। श्री यादव का आरोप है कि भाजपा द्वारा नामित बीएलए – 2 कार्यकर्ताओं को ढाल बनाकर प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में हजारों वोटरों के नाम काटने का लक्ष्य रखा है। इसके जरिए लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है और चुनाव आयोग की व्यवस्थाओं का दुरुपयोग हो रहा है।
प्रशासनिक कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग —
उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस पूरे मामले की शिकायत जिला निर्वाचन पदाधिकारी और गोड्डा उपायुक्त से की गई है, जिस पर प्राथमिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं. इसके अलावा रांची में मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखित आवेदन देकर दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी। कांग्रेस ने बीएलओ, बीडीओ और सीओ से अपील की है कि वे किसी के दबाव में आए बिना निष्पक्ष होकर मतदाता सूची को पारदर्शी बनाएं। साथ ही प्रशासन से मांग की गई है कि प्रतिदिन जमा होने वाले फॉर्म-7 का विवरण सार्वजनिक किया जाए, जिससे मतदाता अपने अधिकारों की रक्षा कर सकें। चेतावनी दी गई है कि यदि इस मामले में त्वरित और विधिसम्मत कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी अधिकारियों के कार्यालयों के समक्ष धरना-प्रदर्शन और व्यापक आंदोलन करने के लिए विवश होगी।



