
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
जामताड़ा : हेट करमाटांड़/सियाटांड़ क्षेत्र में नागों की देवी मां मनसा की पूजा अत्यंत धूमधाम, श्रद्धा और पारंपरिक उल्लास के साथ संपन्न हुई। हेट करमाटांड़, सियाटांड़ समेत आसपास के कई ग्रामीण इलाकों में पिछले कुछ दिनों से माता के दरबार में भक्तों का तांता लगा हुआ था। हर तरफ भक्तिमय माहौल और मनसा मंगला गानों से पूरा क्षेत्र गूंजायमान था।
पूजा के अंतिम दिन विधि-विधान के साथ विशेष अनुष्ठान किए गए। सुहागिन महिलाओं और श्रद्धालुओं ने मां मनसा को दूध, लावा, खीर और फल का भोग लगाकर परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और नाग जनित भय से मुक्ति की कामना की। पूजा समितियों की ओर से विशेष महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसमें दूर-दराज से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
संध्या ढलते ही विसर्जन का सिलसिला शुरू हुआ, जो रात्रि में गाजे-बाजे और पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ आगे बढ़ा। अबीर-गुलाल उड़ाते हुए युवाओं ने माता के जयकारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। नम आंखों और भारी मन से भक्तों ने मां मनसा की प्रतिमा को स्थानीय नदी एवं तालाबों में विसर्जित किया।
विसर्जन यात्रा के दौरान महिलाओं की आंखें नम थीं और सभी मां से अगले वर्ष फिर से लौटने की प्रार्थना कर रहे थे। इस धार्मिक अनुष्ठान से ग्रामीणों में आपसी भाईचारा और सांस्कृतिक एकता का अनूठा संगम देखने को मिला। शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से पूजा संपन्न कराने में स्थानीय पूजा समितियों के सदस्यों और युवाओं की भूमिका सराहनीय रही।




