JSSC-CGL विवाद को लेकर भाजपा का पैदल मार्च, बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर साधा निशाना
BJP holds foot march over JSSC-CGL controversy; Babulal Marandi targets the government.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शन के समर्थन में भारतीय जनता पार्टी की पाकुड़ इकाई ने बुधवार को पैदल मार्च निकाला। पाकुड़ नगर से प्रारंभ हुआ मार्च निर्धारित स्थल समाहरणालय पाकुड़ के मुख्य द्वार तक पहुंचा, जहां सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व विधायक दिनेश मरांडी, जिलाध्यक्ष सारिता मुर्मू समेत भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। सभा को सम्बोधित करते हुए बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर युवाओं और अभ्यर्थियों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में राज्य में हुई नियुक्तियों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की। मरांडी ने कहा कि यदि नियुक्तियों की निष्पक्ष जांच CBI से कराई जाती है तो योग्य और मेरिट के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों की नौकरी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वहीं, उन्होंने आरोप लगाया कि यदि किसी ने अनियमित तरीके या पैसे के बल पर नौकरी हासिल की है, तो जांच में इसकी सच्चाई सामने आ जायेगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नियुक्ति प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर राज्य के युवा लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। उनके अनुसार, अभ्यर्थियों ने रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना और भूख हड़ताल भी की थी। इसके बावजूद सरकार द्वारा उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया। नेता प्रतिपक्ष ने विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस की ओर से कथित बल प्रयोग का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी युवाओं ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने का निर्णय लिया था और विधानसभा के बाहर धरना दिया। मरांडी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और अन्य कार्रवाई की गई तथा बाद में अस्पताल में इलाज करा रहे लोगों को भी परेशान किया गया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध करना नागरिकों का अधिकार है। भाजपा की मांग है कि आंदोलन के दौरान युवाओं पर दर्ज किए गये मामलों की समीक्षा कर उन्हें वापस लिया जाए। मरांडी ने राज्य में विभिन्न नियुक्ति परीक्षाओं को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई परीक्षाओं और नियुक्ति प्रक्रियाओं में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ परीक्षाओं में प्रश्नपत्र और उत्तरों से संबंधित गंभीर आरोप अभ्यर्थियों की ओर से लगाए गये हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। मरांडी ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और आयोग की विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होने पर सच्चाई सामने आ जायेगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता साफ होगा। सभा के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नियुक्ति परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच, अभ्यर्थियों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने और युवाओं की मांगों पर कार्रवाई करने की मांग की। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य के विभिन्न जिला मुख्यालयों में भी भाजपा की ओर से इसी मुद्दे को लेकर विरोध-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने युवाओं की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जायेगा। हालांकि, JSSC-CGL परीक्षा से सम्बन्धित मामलों में न्यायालय की ओर से दिए गये आदेशों और नियुक्त अभ्यर्थियों से जुड़े कानूनी पहलुओं पर अपने सम्बोधन में मरांडी ने टिप्पणी नहीं की। वही पूर्व विधायक दिनेश मरांडी ने हेमन्त सरकार पर निशाना साधते हुए कई टिप्पणियां की। भाजपा की पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के दौरान पाकुड़ पुलिस की मौजूदगी देखी गई और सुरक्षा बलों के द्वारा हर गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही थी। इस दौरान पूर्व जिला अध्यक्ष अमृत पाण्डेय, अल्पसंख्यक राष्ट्रीय महामंत्री मिसफीका हसन, मिठू भगत, पंकज साहा, पवन कुमार आदि समेत काफी संख्या में भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।



