झारखंड में भारतनेट फेज-III के क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम, 260 प्रखंड समेत 4395 ग्राम पंचायत व 26777 गैर-जीपी गांव होंगे ब्रॉडबैंड नेटवर्क से कवर
Significant step towards the implementation of BharatNet Phase-III in Jharkhand: 4,395 Gram Panchayats (including 260 blocks) and 26,777 non-GP villages to be covered by the broadband network.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
रांची। झारखंड में ग्रामीण क्षेत्रों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (Amended BharatNet Programme-ABP) यानी भारतनेट फेज-III के क्रियान्वयन के लिए गुरुवार को Project Implementation and Support Agreement पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता भारत सरकार के डिजिटल भारत निधि (DBN), झारखंड सरकार और झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (JDICL) के बीच हुआ। भारत सरकार की ओर से DBN के Administrator श्यामल मिश्रा उपस्थित रहे। वहीं, झारखंड सरकार की ओर से सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव पूजा सिंघल एवं निदेशक माधवी मिश्रा ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में लागू किए जा रहे इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य के ग्रामीण और अपेक्षाकृत कम डिजिटल कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में विश्वसनीय एवं हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क का विस्तार करना है। कार्यक्रम के तहत राज्य के 260 प्रखंडों, 4,395 ग्राम पंचायतों और 26,777 गैर-जीपी गांवों को ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे ग्रामीण परिवारों, सरकारी संस्थानों और अन्य उपयोगकर्ताओं तक डिजिटल सेवाओं की पहुंच को मजबूत करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम के तहत 4,387 मौजूदा ग्राम पंचायतों को Ring Topology में अपग्रेड किया जाएगा, जबकि आठ नई ग्राम पंचायतों को Ring Topology के माध्यम से नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। अगले पांच वर्षों में 4,39,049 FTTH कनेक्शन उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ग्राम पंचायतों और गैर-जीपी गांवों में मांग के आधार पर हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी का विस्तार किया जाएगा। नेटवर्क की क्षमता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए Middle-Mile Infrastructure का निर्माण एवं उन्नयन भी किया जायेगा। भारतनेट कार्यक्रम के तहत झारखंड में State Network Operations Centre (SNOC) की स्थापना और संचालन किया जाएगा। कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए BSNL द्वारा JDICL को Project Management Consultancy (PMC) सहायता भी प्रदान की जाएगी। शिक्षा, स्वास्थ्य और ई-गवर्नेंस को मिलेगा लाभ ब्रॉडबैंड नेटवर्क के विस्तार से ग्रामीण और कम सेवा प्राप्त क्षेत्रों के नागरिकों को ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, डिजिटल सेवाओं और अन्य ऑनलाइन सुविधाओं तक बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है। मजबूत डिजिटल नेटवर्क सरकारी संस्थानों और ग्रामीण समुदायों को डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिक प्रभावी उपयोग करने में भी सक्षम बनाएगा। इससे नागरिक-केंद्रित सरकारी सेवाओं की पहुंच और प्रभावशीलता बढ़ाने में मदद मिलेगी। संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को ग्रामीण एवं कम सेवा प्राप्त क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच महत्वपूर्ण सहयोग के रूप में देखा जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार, कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण समुदायों तक बेहतर डिजिटल कनेक्टिविटी का लाभ पहुंचाने के लिए भारत सरकार एवं संबंधित कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ समन्वय कर काम किया जायेगा।



