बेतुल
बैतूल जनजाती क्षेत्र की शिक्षा विद्या भारती मध्य भारत प्रांत भोपाल द्वारा संचालित सरस्वती शिक्षा केंद्र
वंदे मातरम के 150 गौरवमयी वर्ष

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो
बैतुल जिले में सामूहिक गायन सरस्वती शिक्षा केन्द्र जिला बैतुल कोलगांव में शुक्रवार को वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में सरस्वती शिक्षा केन्द्र कार्यक्रम का एव्ं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोलगांव में भव्य सामूहिक गायन का कार्यक्रम का आयोजन किया गया l सुबह 11:00 बजे से 3 मिनट 13 सेकंड तक गाय है l कार्यक्रम में 252 छात्र छात्राओं सहित शिक्षक शिक्षिकाओं और स्थानीय गणमान्य लोगों ने एक स्वर में वंदे मातरम का गायन कर देश भक्ति का संदेश दिया l कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय परिसर में भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन पुष्पांजलि अर्पित धवज और वंदे मातरम् के बेनरो से सजाय गया था l छात्र -छात्राओं ने देशभक्ति गीत, कविता और भाषण, प्रस्तुत कर माहौल को देश भक्तिमय बना दिया विद्यालय के प्राचार्य भोजराज पोटफोडे़ प्राचार्य ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं बल्कि हमारी आज़ादी की पहचान और सर एकता का प्रतीक है l कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विष्णु जी बारपेटे ने अपने संबोधन में कहा की देश के प्रतीक जगरूको एव्ं अनुशासन और राष्ट्र के लिये देशभक्ति का चेतना का संदेश दिया l वंदना लिखितकर ने कहा राष्ट्रीय हमारे स्वतंत्रता सोनानियों द्वारा हमें एकजुट रखने का यह एक सशक्त माध्यम है l कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षिका – शिक्षिका सुरेश चौरासे दिनेश उइके , रोशन लिखितकर, नरेन्द्र कुमार , विजश बारस्कर, रूपेश देशमुख हिमांशु जीतपूरे, सरिता वाडीवा सरपंच, संतरी इवने, रुकमणि धुर्वे, करीना उइके, किरण दीदी, सोनाली दीदी, प्रेमिका, सुनीता धुर्वे, सोनम सोनारे, प्रमिला दीदी अनिता परते, मोनिका, दुर्गा उइके, सरस्वती उइके सतवंती धुर्वे, प्रमिला दीदी शशिकला मारकाम, राम चरण भुसुमकर , सुनील वाडीवा रोशनी नागले, मातृवनदं ग्रुप की फाउंडर् वंदना लिखितकर ने कहा की सन् 1876 में बकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम् हमें हमारे गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम की याद दिलाता है l आज 150 वर्ष बाद यह गीत हमें एकजुट होकर देश सेवा के लिए प्रेरित करता है l
इस अवसर पर शाला प्रमुख प्राचार्य भोजराज जी पोटफोडे़ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहाँ की वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं बल्कि हमारे आज़ादी की पहचान और एकता का प्रतीक है l
कार्यक्रम के संयोजक के. के. लोहारे सर ने कहा की हम प्रतिदिन विद्यालय में राष्ट्र गीत होगा के. के. लोहारे सर ने आभार व्यक्त किया l



