
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बड़ौत। छपरौली रोड स्थित नहर के पुल के निर्माण कार्य के चलते इन दिनों यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। पुल निर्माण के कारण सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से आए दिन लंबा जाम लग रहा है। हालात यह हैं कि जाम में आम वाहन चालकों के साथ-साथ मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंस भी घंटों फंस रही हैं। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि छपरौली रोड बड़ौत के प्रमुख मार्गों में शामिल है और इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। पुल निर्माण के चलते सड़क पर यातायात का दबाव बढ़ गया है। ऐसे में यदि समय रहते ट्रैफिक व्यवस्था को व्यवस्थित नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
समाजसेवी बसंत पहलवान ने उठाई ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग
समाजसेवी बसंत पहलवान ने प्रशासन से मांग की है कि पुल निर्माण स्थल के आसपास यातायात व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से दुरुस्त किया जाए। उन्होंने कहा कि जाम की समस्या केवल आम वाहन चालकों तक सीमित नहीं है, बल्कि सबसे गंभीर परेशानी मरीजों और एंबुलेंस को हो रही है। कई बार एंबुलेंस जाम में फंस जाती हैं और उन्हें रास्ता मिलने में काफी समय लग जाता है।
बसंत पहलवान का कहना है कि निर्माण स्थल पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए होमगार्ड की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन आरोप है कि कई बार जाम काफी बढ़ जाने के बाद यातायात संभालने के लिए व्यवस्था सक्रिय होती है। तब तक सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग चुकी होती है और उन्हें निकालने में काफी समय लग जाता है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जाम लगने के बाद व्यवस्था संभालने के बजाय जाम की स्थिति बनने से पहले ही यातायात को नियंत्रित करने की व्यवस्था की जाए। निर्माण स्थल के दोनों ओर पर्याप्त संख्या में यातायात कर्मियों की तैनाती की जाए तथा पीक आवर्स में विशेष निगरानी रखी जाए।
एंबुलेंस के लिए बने अलग से इंतजाम
बसंत पहलवान ने कहा कि निर्माण कार्य पूरा होने तक प्रशासन को इस मार्ग पर एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों के लिए विशेष व्यवस्था करनी चाहिए। यदि किसी मरीज को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया जा रहा हो और एंबुलेंस जाम में फंस जाए तो कुछ मिनटों की देरी भी परेशानी बढ़ा सकती है।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि पुल निर्माण स्थल पर वन-वे ट्रैफिक, डायवर्जन, बैरिकेडिंग और यातायात कर्मियों की प्रभावी तैनाती की जाए, ताकि वाहनों का आवागमन सुचारु बना रहे।
लोगों का कहना है कि पुल का निर्माण जरूरी है, लेकिन निर्माण अवधि में यातायात व्यवस्था की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। प्रशासन यदि समय रहते प्रभावी ट्रैफिक प्लान लागू करता है तो आम लोगों के साथ मरीजों और एंबुलेंस को भी जाम की परेशानी से राहत मिल सकती है।


