बरेली
इतिहास रचेगी बरेली की रामलीला: मुगलकाल से चली आ रही परंपरा का 459वां अध्याय शुरू
चौधरी तालाब से बड़े बाग तक गूंजेगा जय श्रीराम

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली। बरेली की ऐतिहासिक श्री रानी महालक्ष्मीबाई रामलीला इस वर्ष अपने 459वें वर्ष में प्रवेश कर इतिहास रचने जा रही है। मुगलकाल से चली आ रही 458 सालों की अटूट परंपरा का नया अध्याय 5 अक्टूबर से गणेश पूजन के साथ शुरू होगा। रामलीला समिति के अध्यक्ष पंडित राम गोपाल मिश्रा ने बताया कि लखना स्टेट द्वारा शुरू की गई इस ऐतिहासिक रामलीला की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस वर्ष मंचन के लिए दरभंगा से विशेष कलाकारों को बुलाया गया है।
काशी और अयोध्या के बाद देश की सबसे प्राचीन मानी जाने वाली इस रामलीला का पहला पड़ाव चौधरी तालाब मैदान होगा। 5 से 13 अक्टूबर तक भगवान राम के वन गमन तक की लीलाओं का मंचन नौका के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें गंगा पार करने की परंपरा को जीवंत किया जाएगा। इसके बाद 14 अक्टूबर से मंच बड़े बाग मैदान में सजेगा।
लीला का सबसे भव्य आकर्षण 20 अक्टूबर को बड़े बाग में हार्टमेन स्कूल के पास होने वाला रावण दहन होगा।
5 अक्टूबर की शाम होने वाले गणेश पूजन में अलखनाथ मंदिर के महंत कालू गिरि, तुलसी मठ के महंत नीरज नयन दास, वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना और महापौर डॉ. उमेश गौतम गरिमामयी उपस्थिति रहेंगे।



