धार्मिक कांवड़ यात्रा के दौरान हाइवे के होटलों और ढाबों पर “फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप से होगी संचालकों की पहचान।
डीएम के निर्देश पर खाद्य विभाग ने किया "फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप" लॉन्च।

ऐप के माध्यम से खान पान और व्यवस्था की सीधे प्रशासन से होगी शिकायत।
सभी दुकानों पर लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन और रेट लिस्ट डिस्प्ले करना अनिवार्य होगा।
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।
हापुड़ । इस बार सावन के महीने में होने वाली कांवड़ यात्रा कुछ खास होने जा रही है. 11 जुलाई से शुरू हो रही इस धार्मिक यात्रा में जहां लाखों श्रद्धालु भोलेनाथ की भक्ति में डूबे नजर आएंगे तो वहीं अब उन्हें खानपान से जुड़ी शिकायतों के लिए कहीं भटकना नहीं पड़ेगा । इसकी वजह यह है कि इस बार हापुड के डी एम अभिषेक पांडे के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने पहली बार एक खास मोबाइल एप्लीकेशन लॉन्च किया है, जिनका नाम है “फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप” । इसके ज़रिए कांवड़िए खाना खराब या क्वालिटी घटिया मिलने पर सीधे खाद्य विभाग व प्रशासन से शिकायत कर सकेंगे । हापुड़ के दी खाद्य विभाग द्वारा होटल तथा ढाबा संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी दुकान के बाहर “फ़ूड लाइसेंस तथा रेट लिस्ट” को प्रदर्शित करना अनिवार्य है । तथा होटलों पर एक क्यूआर कोड ( QR CODE ) को भी लगाए जा रहे हैं। जिससे खानपान से जुड़ी शिकायतों के लिए कहीं भटकना नहीं पड़ेगा। हापुड के डीएम अभिषेक पांडे ने बताया कि , हम अपने सभी अधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं। कावड़ मार्ग पर जितने भी ढाबे, रेस्टोरेंट ,होटल जो भी होंगे अपना लाइसेंस प्रदर्शित करेंगे। एक नया फूड सेफ्टी कनेक्टिविटी एप लगाया जा रहा है। जिससे कि कोई भी कांवड़िया या श्रद्धालु अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है। जिसके बाद उसे मामले में तत्काल कारवाही की जाएगी । सभी को रेट लिस्ट लगानी अनिवार्य है। साफ सफाई के लिए निर्देशित किया गया है। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस बार कांवर यात्रा के दौरान ढाबों, होटलों और खाद्य पदार्थ बेचने वाली सभी दुकानों पर लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन और रेट लिस्ट डिस्प्ले करना अनिवार्य होगा। जिससे होटल या ढाबा मालिक की पहचान सुनिश्चित होगी और कांवरियों को खान पान के लिए सही होटल या ढाबे की जानकारी हो सकेगी ।



