अलवर
मंडी परिसर में गंदगी का अंबार, सफाई ठेकेदार पर कार्रवाई नहीं
दो वर्षों से सफाई के नाम पर चल रही अनदेखी, अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अलवर। शहर की कृषि उपज मंडी और थोक फल-सब्जी मंडी में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। मंडी समिति की अनदेखी और ठेकेदार की लापरवाही के चलते व्यापारियों और किसानों को भारी गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले दो वर्षों से सफाई का ठेका एक ही ठेकेदार को दिया जा रहा है, बावजूद इसके हालात सुधरने की बजाय बिगड़ते जा रहे हैं।
साल 2023-24 में ठेके के दौरान थोक फल-सब्जी मंडी का कचरा लगातार कृषि उपज मंडी परिसर में डाला गया, जिससे न सिर्फ बदबू फैली बल्कि संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ा। इस संबंध में कई बार शिकायतें होने के बावजूद मंडी समिति के उच्च अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। न ही कचरे को हटवाया गया और न ही ठेकेदार पर किसी तरह की कानूनी प्रक्रिया चलाई गई।
2024-25 में भी यही हालात दोहराए गए। लगभग 30 ट्रॉली कचरा फिर से कृषि उपज मंडी में फेंका गया, जिसकी पूरी जानकारी अधिकारियों को थी, लेकिन इसके बावजूद कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया। अब 2025-26 के सफाई ठेके के लिए फिर से उसी ठेकेदार द्वारा बोली लगाने की तैयारी की जा रही है, जो गंभीर सवाल खड़े करता है।
स्थानीय व्यापारी और किसान बेहद नाराज़ हैं और मांग कर रहे हैं कि मंडी समिति इस पर सख्त रुख अपनाए और ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करे। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। मंडी समिति की चुप्पी अब साजिश जैसी लगने लगी है।




