गोड्डा
वनभूमी पट्टा की मांग को लेकर 33 गांव के ग्राम प्रधान पहुंचे समाहरणालय

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो
गोड्डा/सुन्दरपहाड़ी : प्रखण्ड क्षेत्र के वन भूमी में खेतीबाड़ी व जलावन हेतु लकड़ी पर कानूनन अधिकार को लेकर एवं वन भूमी पट्टा की मांग को लेकर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के विधानसभा क्षेत्र में पड़ने वाले 33 गांव के ग्राम प्रधान गोड्डा उपायुक्त अंजलि यादव से मिलने समाहरणालय पहुंचे।वहीं उपस्थित बड़ा सुंदरी के ग्राम प्रधान मरांगमोय बेसरा ने कहा कि हम सभी लोग सुन्दर पहाडी प्रखंड क्षेत्र के घने जंगल पहाड़ों के बीच रहते हैं। हमारा जीवनयापन इन जंगल, पहाड़ों से ही होता है, कई बार वन भूमी अधिकार पट्टा की मांग को लेकर आवेदन दिया गया बावजूद अब तक किसी की अधिकार पट्टा नही मिला है। वहीं बरियारपुर के ग्राम प्रधान सुजीत मुर्मू, महेन्द्र साह आदि ग्राम प्रधान ने बताया कि बाद में आवेदन देने वाले को वन पट्टा गया लेकिन हमलोगो का आवेदन दिए कई वर्ष बीत जाने के बावजूद वन भूमी पट्टा नहीं दिया गया। इसी मामले को लेकर हम सभी ग्राम प्रधान उपायुक्त से मिलकर वार्ता करने समाहरणालय पहुंचे हैं।
वहीं ग्राम प्रधान ने वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत सामूदायिक वन संसाधन अधिकार दावा नहीं मिलने के संबंध में जिला कल्याण पदाधिकारी के नाम एक ज्ञापन दिया। ज्ञापन में लिखा कि सुन्दरपहाड़ी प्रखण्ड के ग्रामवासियों ने अपने अपने गाँवों का कूल 33 सामूदायिक दावा प्रपत्र अनुमंडल स्तरीय समिति के समक्ष प्रस्तुत किया है। परन्तु अभी तक हमलोगों को सामूदायिक दावा की स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई है। इस संबंध में पहले भी ग्रामवासियों ने आवेदन दिया था। ये हम आदिवासियों को कानूनी हक देने के नाम पर छलावा है। वहीं संन्दरपहाड़ी प्रखण्ड के बहुत गाँवों ने हमलोगों से बाद में दावा किया था जिन्हें स्वीकृति प्राप्त हुई। वैसे गाँवों को दावा मिल गया है। हमलोग वर्षों से इन्तजार कर रहे हैं। पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सामूदायिक वन संसाधनों पर अधिकार संबंधी दावा किये गये गाँवों की सूची साथ में संलग्न है। ग्राम प्रधानों ने निवेदन करते हुए लिखा कि इस तरह के पक्षपातपूर्ण और अन्यायपुर्ण सामूदायिक दावा प्रक्रिया पर संज्ञान लेने का कष्ट करने की कृपा करें। जिससे हम ग्रामवासी को न्यायपुर्ण अधिकार मिल सके।


