अलवर
व्यापारी छीन रहे हैं किसानों का हक
अलवर कृषि उपज मंडी में किसानों के फंड पर व्यापारियों का कब्जा, मंडी समिति बनी मूकदर्शक

अलवर : कृषि उपज मंडी के सभी ब्लॉकों में किसानों के लिए बने कॉमन फंड पर व्यापारियों और बारदाना विक्रेताओं का कब्जा लगातार बना हुआ है। खासकर एफ एंड वी (F&V) सब्जी मंडी ब्लॉक में हालात ज्यादा खराब हैं। यहां किसानों के लिए निर्धारित फंड की जगह व्यापारियों ने अपना माल स्टॉक कर रखा है, वहीं बारदाना विक्रेता न सिर्फ बैठकर काम कर रहे हैं बल्कि बारदाने की मरम्मत और भंडारण भी यहीं कर रहे हैं।

चौंकाने वाली बात यह है कि मंडी समिति को इस अतिक्रमण की पूरी जानकारी है, फिर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। मंडी समिति की कार्रवाई केवल नोटिस देने तक सीमित रह गई है। यह सवाल उठता है कि आखिर मंडी प्रशासन इन व्यापारियों और विक्रेताओं पर मेहरबानी क्यों दिखा रहा है? क्या मंडी समिति को इनसे कोई लाभ मिल रहा है?
अगर मंडी समिति इनसे किराया वसूलती है तो वह सार्वजनिक रूप से सामने क्यों नहीं लाया जाता? और यदि किराया नहीं लिया जा रहा तो यह सीधा-सीधा किसानों के अधिकारों का हनन और मंडी के नियमों का उल्लंघन है।
कॉमन फंड पर यह अवैध कब्जा किसानों की कार्यशैली में बाधा बन रहा है। किसान न तो अपना माल आसानी से रख पा रहे हैं और न ही उचित तरीके से लेन-देन कर पा रहे हैं।
अब सवाल यह है कि मंडी समिति और अलवर प्रशासन इस अतिक्रमण को कब हटाएंगे? क्या प्रशासन किसानों के हक में कोई ठोस कदम उठाएगा या फिर अतिक्रमणकारियों की सुविधा के लिए चुप्पी साधे रखेगा।



