मसूरी में IAS अधिकारियों के लिए विशेष DM प्रशिक्षण
19 जिलाधिकारियों को आमंत्रित, बुलंदशहर और लखीमपुर खीरी के DM अनुपस्थित

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लखनऊ : लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA), मसूरी, जो भारत में सिविल सेवकों के प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र है, के निदेशक के निर्देश पर एक विशेष जिलाधिकारी (DM) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम वर्तमान में विभिन्न जिलों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के लिए आयोजित किया गया है। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण में 19 जिलाधिकारियों को आमंत्रित किया गया था, जिनमें से 17 जिलाधिकारी मसूरी पहुंच चुके हैं और प्रशिक्षण में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। बुलंदशहर और लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारी अपने-अपने जनपदों में विशेष कार्यक्रमों के कारण इस प्रशिक्षण में शामिल नहीं हो सके।
लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) भारत सरकार के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के अंतर्गत एक संलग्न कार्यालय है, जिसे 1959 में स्थापित किया गया था। यह अकादमी IAS, IPS, IFS और अन्य समूह-ए केंद्रीय सेवाओं के अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण प्रदान करती है। इस विशेष DM प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य IAS अधिकारियों को जिला प्रशासन की जटिल चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक कौशल, ज्ञान और दृष्टिकोण से लैस करना है।
इस प्रशिक्षण में शामिल प्रमुख क्षेत्रों में निम्नलिखित शामिल हैं:
1.प्रशासनिक दक्षता: नीति निर्माण, कानून और व्यवस्था, और विकासात्मक योजनाओं का प्रभावी प्रबंधन।
2.नेतृत्व विकास: संकट प्रबंधन, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता, और जन-केंद्रित शासन।
3.प्रौद्योगिकी का उपयोग: ई-गवर्नेंस, डिजिटल प्रशासन, और डेटा-आधारित निर्णय लेने की प्रक्रियाएं।
4.नैतिकता और मूल्य: अखंडता, पारदर्शिता, और जवाबदेही जैसे मूल्यों को आत्मसात करना।
प्रशिक्षण में कक्षा सत्रों के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण, क्षेत्र भ्रमण, और विशेषज्ञों के साथ इंटरैक्टिव सत्र शामिल हैं। यह कार्यक्रम मध्य-कैरियर प्रशिक्षण कार्यक्रम (MCTP) और अन्य डोमेन-आधारित पाठ्यक्रमों का हिस्सा है, जो IAS अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों के लिए तैयार करता है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस विशेष DM प्रशिक्षण के लिए 19 जिलाधिकारियों को आमंत्रित किया गया था। इनमें से 17 जिलाधिकारी समय पर मसूरी पहुंच चुके हैं और प्रशिक्षण में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। ये अधिकारी विभिन्न राज्यों से हैं और विभिन्न जिलों में प्रशिक्षण के दौर से गुजर रहे हैं। यह प्रशिक्षण उन्हें जिला स्तर पर प्रशासनिक चुनौतियों, जैसे कि विकास योजनाओं का कार्यान्वयन, कानून और व्यवस्था का प्रबंधन, और सामुदायिक विकास, से निपटने के लिए तैयार करेगा।
बुलंदशहर और लखीमपुर खीरी के DM की अनुपस्थिति
बुलंदशहर और लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारियों ने अपने जनपदों में चल रहे विशेष कार्यक्रमों के कारण इस प्रशिक्षण में भाग लेने में असमर्थता जताई है। आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों जिलों में महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा था, जिनमें उनकी उपस्थिति अनिवार्य थी। इन कार्यक्रमों में स्थानीय स्तर पर विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, सामुदायिक कल्याण योजनाओं का कार्यान्वयन, और अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां शामिल थीं। LBSNAA ने इस स्थिति को समझते हुए इन अधिकारियों के लिए भविष्य में वैकल्पिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने का आश्वासन दिया है।
LBSNAA के निदेशक, डॉ. संजीव चोपड़ा, ने एक आधिकारिक बयान में कहा: “लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी का उद्देश्य भारत के सिविल सेवकों को उच्चतम स्तर की प्रशासनिक क्षमता और नैतिकता के साथ तैयार करना है। यह विशेष DM प्रशिक्षण कार्यक्रम IAS अधिकारियों को जिला प्रशासन की जटिलताओं से निपटने के लिए आवश्यक कौशल और दृष्टिकोण प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। हमें खुशी है कि 19 में से 17 जिलाधिकारी इस प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं। बुलंदशहर और लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारियों की अनुपस्थिति के कारणों को समझा गया है, क्योंकि उनके जनपदों में महत्वपूर्ण कार्यक्रम चल रहे थे। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इन अधिकारियों को भविष्य में समान प्रशिक्षण के अवसर प्रदान किए जाएं। यह प्रशिक्षण न केवल तकनीकी कौशल को बढ़ाता है, बल्कि अधिकारियों में नेतृत्व, सहानुभूति, और जन-केंद्रित शासन के मूल्यों को भी विकसित करता है।”
LBSNAA में IAS अधिकारियों का प्रशिक्षण सामान्यतः दो वर्षों तक चलता है और इसे कई चरणों में विभाजित किया गया है। इस विशेष DM प्रशिक्षण में निम्नलिखित मॉड्यूल शामिल हैं:
1.अकादमिक सत्र: नीति निर्माण, कानून, अर्थशास्त्र, और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर केंद्रित सत्र।
2.क्षेत्र भ्रमण: भारत दर्शन और जिला प्रशिक्षण के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव।
3.सॉफ्ट स्किल्स विकास: नेतृत्व, संचार, और तनाव प्रबंधन जैसे कौशल।
4.सह-पाठ्यचर्या गतिविधियां: हिमालयी ट्रैकिंग, सांस्कृतिक कार्यक्रम, और खेल गतिविधियां जो अधिकारियों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा देती हैं।
इसके अतिरिक्त, प्रशिक्षण में विशेषज्ञों द्वारा सेमिनार, कार्यशालाएं, और समूह चर्चाएं शामिल हैं, जो अधिकारियों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करती हैं।
LBSNAA, जिसे 1972 में भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाम पर नामित किया गया था, का आदर्श वाक्य “शीलम परम भूषणम” (चरित्र सर्वोच्च गुण है) है। यह अकादमी न केवल तकनीकी कौशल प्रदान करती है, बल्कि अधिकारियों में नैतिकता, अखंडता, और जनसेवा की भावना को भी विकसित करती है। 1959 में अपनी स्थापना के बाद से, LBSNAA ने हजारों सिविल सेवकों को प्रशिक्षित किया है, जो आज भारत के प्रशासनिक ढांचे की रीढ़ हैं। यह विशेष DM प्रशिक्षण कार्यक्रम LBSNAA की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जो भारत के सिविल सेवकों को उच्चतम स्तर की प्रशासनिक क्षमता और नेतृत्व कौशल प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह प्रशिक्षण न केवल अधिकारियों को उनके कर्तव्यों के लिए तैयार करता है, बल्कि देश के प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने में भी योगदान देता है।



