
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
खैरथल: खैरथल-तिजारा जिले का नाम बदलकर भर्तृहरि नगर रखने का फ़ैसला प्रदेश सरकार को भारी पड़ता नज़र आ रहा है. सरकार के इस कदम के विरोध में पूरे क्षेत्र से लोग बड़ी संख्या मे जिला बचाओ संघर्ष समिति के धरने मे आ रहे है और आंदोलन को समर्थन दे रहे है लगातार नवें दिन भी धरना जारी रहा . जबकि आंदोलन का रविवार को 23 वां दिन रहा आंदोलन के दौरान खैरथल लगातार चार दिन बंद रहा था,बड़ी तिरंगा रैली,बाईक रैली और विशाल ट्रैक्टर रैली भी निकाली जा चुकी है लोगों का कहना है कि सरकार ने उनके साथ खिलवाड़ किया है.करीब दो साल पहले अशोक गहलोत सरकार ने अलवर जिले के तीन हिस्से किए थे. उस दौरान खैरथल-तिजारा को नया ज़िला बनाया गया था, जबकि बहरोड़-नीमराना को कोटपूतली ज़िले में शामिल किया गया था. अब भजनलाल सरकार ने खैरथल-तिजारा का नाम बदलकर भर्तृहरि नगर कर दिया है. साथ ही जिला मुख्यालय को खैरथल से बदलकर भिवाड़ी करने की भी तैयारी चल रही है, जिसके प्रस्ताव भेजे गए हैं. इसी के चलते ज़िलेभर में लोगों का गुस्सा भड़क गया हुआ हैऔर लोग विरोध कर रहे हैं.
नवें दिन भी धरने पर सैकड़ो लोग रहे मौजूद
रविवार को खैरथल और आसपास के परगनाओं से बड़ी संख्या मे लोग पहुंचे और सरकार के फैसले की निंदा करते हुए जिले का नाम व स्थान बदलने के विरोध मे संधर्ष जारी रखने का लोगो से आवहा्न किया धरना स्थल पर विधायक दीपचन्द खैरिया भी मौजूद रहे धरने को धर्मवीर सिंह संरपंच पेहल,फकीरचंद बम्बोरा,हंसन खां मौजपूर,शीशराम चौधरी ततारपुर ,निक्की प्रजापत,मोहन पार्षद, गिरीश डाटा, पूर्व प्रधान रोहतास चौधरी, मांगेराम चौधरी,वीरसिंह ढ़िल्लन, औमप्रकाश रोघा ,विक्की चौधरी ने संबोधित किया
लोगों का कहना है कि जब तक सरकार अपने निर्णय को वापस नही लेगी संघर्ष जारी रहेगा हम अपना हक लेकर रहेगे


