असम

केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने किया एम्स गुवाहाटी में आईएनआई रेडियोलॉजी अपडेट 2025 का उद्घाटन ।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

असम : कामरूप जिले में स्थित एम्स गुवाहाटी के सहयोग से 30 अगस्त, शनिवार को रेडियोलॉजिकल फोरम फॉर इंस्टिट्यूट्स ऑफ नेशनल इम्पोर्टेंस के सहयोग से आयोजित आईएनआई रेडियोलॉजी अपडेट 2025 का उद्घाटन किया गया। इस सम्मेलन में भारत और विदेशों के कई रेडियोलॉजिस्ट, क्लिनिशियन, शोधकर्ता और वैज्ञानिक उपस्थित हुए, जिनमें एम्स, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़, निमहांस बेंगलुरु, एससीटीआईएमएसटी तिरुवनंतपुरम, एसजीपीजीआईएमएस लखनऊ और अन्य अग्रणी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधि शामिल थे। “एडवांसिंग इमेजिंग एंड इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी” विषय के अंतर्गत आयोजित इस शैक्षिक सम्मेलन का उद्देश्य रेडियोलॉजी और संबंधित विभागों में सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देना है। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के केंद्रीय बंदरगाह, जलयान और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल के साथ एम्स गुवाहाटी के कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) अशोक पुराणिक; एम्स नई दिल्ली के कार्डियक-न्यूरो सेंटर के प्रमुख प्रोफेसर (डॉ.) शैलेश बी. गायकवाड़; एम्स गुवाहाटी के प्रोफेसर (डॉ.) प्रांजल फूकन; और एम्स भोपाल, ऋषिकेश, रायपुर तथा अन्य अग्रणी संस्थानों के वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट मौजूद थे। अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने इस सम्मेलन को एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जो केवल शैक्षिक आदान-प्रदान को मजबूत करने के साथ-साथ भारत की सुलभ और नवाचारी स्वास्थ्य सेवा दृष्टिकोण को भी प्रबल करता है। उन्होंने एम्स गुवाहाटी और आयोजन समिति को देश के विभिन्न भागों से विशेषज्ञों और युवा चिकित्सकों को एकजुट करने के लिए बधाई दी और उल्लेख किया कि यह संस्थान पूर्वोत्तर को चिकित्सा उत्कृष्टता का एक उभरता केंद्र बना रहा है। केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से भारत के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में हुए परिवर्तन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था को इंटीग्रेशन से इक्विटी, खर्च से नवाचार तक एक नई दिशा दी गई है। उन्होंने एम्स नेटवर्क के तीव्र विस्तार का हवाला देते हुए बताया कि 2014 में जहां भारत में मात्र सात एम्स थे, वहीं अब गुवाहाटी समेत 33 एम्स संस्थान हैं, जो पूर्वोत्तर के जनता के द्वार तक विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने 55 करोड़ से अधिक नागरिकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और 11,000 से अधिक केंद्रों के माध्यम से लाखों परिवारों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने वाली जन आरोग्य परियोजना जैसी प्रमुख सुधारों का भी उल्लेख किया। इसके अलावा उन्होंने चिकित्सा शिक्षा में भी ऐतिहासिक विस्तार की बात कही, पिछले दशक में कॉलेजों और एमबीबीएस सीटों की संख्या दोगुनी से अधिक हुई है, जिसके फलस्वरूप चिकित्सकों और विशेषज्ञों की कमी दूर हुई है। मंत्री ने सशक्त शब्दों में कहा कि पूरे एम्स और जिला अस्पतालों में कैंसर, स्ट्रोक और कार्डियक रोगों जैसी बीमारियों का जल्द पता लगाने और उपचार को मजबूत करने के लिए आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं स्थापित की गई हैं। उन्होंने एम्स गुवाहाटी को पर्यावरण अनुकूल अस्पताल डिज़ाइन का मॉडल बताया और सरकार द्वारा हरे-भरे और स्थायी स्वास्थ्य सेवा पर बल देने को भी रेखांकित किया, जो प्रगति और पर्यावरण जागरूकता के बीच सामंजस्य दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी, नए चिकित्सा संस्थान और बढ़ी हुई स्वास्थ्य सेवा योजनाओं के कारण पूर्वोत्तर क्षेत्र दक्षिण-पूर्व एशिया के केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार है। स्वास्थ्य सेवाएं हों, संस्कृति हों, व्यवसाय हो या शिक्षा, यह क्षेत्र विकास और सहयोग का केंद्र बनने की अपार संभावनाओं से भरा है। उन्होंने कहा कि अस्पताल केवल उपचार के केंद्र नहीं, बल्कि आनंद और पुनर्वास के केंद्र भी होने चाहिए। तीन दिवसीय आईएनआई रेडियोलॉजी अपडेट 2025 में इमेजिंग, इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी और हेल्थकेयर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नवीनतम नवाचारों पर व्याख्यान, पैनल चर्चा और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इस सम्मेलन से यह उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में देश के अग्रणी संस्थानों में ज्ञान साझा करने, प्रशिक्षण और सहयोग के विस्तार द्वारा आईएनआई रेडियोलॉजिकल एसोसिएशन की नींव मजबूत होगी।

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