शामली

कैराना बार भवन में पश्चिमी उत्तर-प्रदेश के अधिवक्ताओं का सम्मलेन आयोजित

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 
कैराना। रविवार को न्यायालय परिसर में स्थित बार भवन में अधिवक्ताओं का एक दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन संपन्न हुआ, जिसमें पश्चिमी उत्तर-प्रदेश के जनपद सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ, बुलंदशहर और बागपत आदि जनपदों के अधिवक्ता संघों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन का आयोजन भागीदारी और शांति पर वैश्विक समझौता नामक अंतर्राष्ट्रीय संगठन ने कैराना अधिवक्ता संघ के सहयोग से किया। इस दौरान निम्न एवं मध्यम वर्ग को सत्ता में भागीदारी सुनिश्चित करने तथा परिवारों को टूटने से बचाने और समाज में संतुलन बनाए रखने के लिए कानूनी एवं संवैधानिक सुधारों समेत विभिन्न बिंदुओं पर गहन मंथन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के तौर पर पहुंचे इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह यादव ने कहा कि विश्वात्मा द्वारा चलाई जा रही पुनर्जागरण यात्रा का संदेश आज देश की बड़ी जरूरत है। उन्होंने आर्थिक आधार पर आरक्षण की वकालत की। कहा कि ‘महंगे चुनावों के कारण संसद और विधानसभाओं में देश की 97% से अधिक निम्न व मध्यम वर्ग की जनसंख्या का प्रतिनिधित्व नहीं हो पा रहा है। इसका समाधान केवल जनसंख्या के अनुपात में आर्थिक आरक्षण लागू करने में है। सर्वोच्च न्यायालय के जाने-माने अधिवक्ता एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंचे प्रशांत भूषण ने कहा कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए आमजन एकजुट हों। उन्होंने न्यायमूर्तियों के नियुक्ति में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया और पूर्णकालिक न्यायिक आयोग के गठन की वकालत की। राजनीतिक एवं आर्थिक सुधारों पर दर्जनों पुस्तकों के लेखक और मिशन फॉर ग्लोबल चेंज के संस्थापक विश्वात्मा ने कहा कि भविष्य में हर क्षेत्र में मशीनें काम करेंगी, जिससे बेरोजगारी बढ़ेगी। इसलिए रोजगार के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाने के लिए संविधान संशोधन होना चाहिए। भविष्य में इंसान मशीनों की कमाई पर निर्भर होगा। उन्होंने अनुसूचित जाति व जनजातियों के आरक्षण में क्रीमी लेयर और उपवर्गीकरण पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लागू करने की वकालत की। रामपुर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सतनाम सिंह मट्टू ने कहा कि प्रत्येक बेरोजगार को सरकारी क्षेत्र में रोजगार की गारंटी मिलनी चाहिए और जब तक रोजगार न मिले तब तक राष्ट्र की औसत आय की आधी राशि प्रतिमाह दी जानी चाहिए। शामली जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजपाल सिंह ने व्यभिचार को अपराध घोषित करने और 100 करोड़ से अधिक संपत्ति के उत्तराधिकार पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने राजनीति व न्यायपालिका से वंशवाद खत्म करने के लिए राजनीतिक उत्तराधिकार उन्मूलन कानून लागू करने की मांग की। दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज के राजनीति शास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष स्नेहवीर सिंह पुंडीर ने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के चुनाव पद्धति पर पुनर्विचार की आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षा और चिकित्सा का निजीकरण समाप्त करके राष्ट्रीयकरण किये जाने की वकालत की। साथ ही, किसानों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने हेतु न्यूनतम समर्थन मूल्य कानून लागू किये जाने की आवश्यकता बताई। इस अवसर पर पश्चिमी उत्तर-प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे विभिन्न बार प्रतिनिधियों एवं अधिवक्ताओं ने अपने विचार रखे।
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