असम

असम के उमरांगसो में रेत हॉ़ल माइनिंग करने वालों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने का निर्देश, 

गुवाहाटी हाईकोर्ट की कड़ी नाराज़गी। 

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

  असम : असम के कार्बी आंगलोंग ज़िले के उमरांगसो में गैरकानूनी कोयला खदानों से अब भी अवैध रेत हॉल माइनिंग जारी रहने पर गुवाहाटी हाईकोर्ट ने गहरी असंतुष्टि व्यक्त की है। मंगलवार को जनहित याचिका की एक सुनवाई के दौरान गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश आशुतोष कुमार ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि पूर्व में मज़दूर की मौत होने की घटना के बाद बार-बार चेतावनी देने के बावजूद अब भी यह खनन कैसे जारी रह सकता है। सुनवाई के समय अदालत ने यह भी प्रश्न किया कि अब तक चल रहे मामले से संबंधित हलफ़नामा कार्बी आंगलोंग स्वायत्तशासी परिषद ने क्यों दाख़िल नहीं किया। इसके विपरीत, असम सरकार और दीमा हसाओ प्रशासन ने न्यायालय में अपना पक्ष रखा।असम सरकार के महाधिवक्ता देवजीत शैकिया ने अदालत को आश्वासन दिया कि सेवानिवृत्त न्यायाधीश अनीमा हजारिका के नेतृत्व में गठित जाँच समिति को इस पूरे मामले की जाँच और दोषियों की पहचान करने की ज़िम्मेदारी दी गई है। ज्ञात हो कि अप्रैल 2025 में उमरांगसो की एक कोयला खदान में मज़दूर की मौत होने के बाद यह मामला सामने आया था। मुख्य न्यायाधीश आशुतोष कुमार ने महाधिवक्ता से कहा कि “इस तरह गैरकानूनी खदान चलाने वालों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए और उन्हें जवाबदेही से बच निकलने नहीं दिया जा सकता।” अदालत ने जोर देकर कहा कि कोयला खानों के मज़दूरों को अनियंत्रित और खतरनाक सुरंगों में भेजना एक गंभीर अपराध है।उल्लेखनीय है कि गत अप्रैल माह में दीमा हसाओ के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने दीमा हसाओ स्वायत्तशासी परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य देवलाल गार्लोसा की पत्नी कनीका होजई के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश पुलिस को दिया था। इसके बाद से ही विशेष जांच दल इस मामले की जांच कर रहा है। अदालत इस मामले की अगली सुनवाई आगामी नवम्बर महीने में करने की जानकारी मिली है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button