सिंगरौली

गौ-सेवक के एफएमडी वैक्सीनेसन का 60 हजार रुपए डकार गया पशु विभाग का डिप्टी डायरेक्टर

भुगतान पाने के लिए भटक रहा गौ सेवक

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली।  सरकार द्वारा पशुओ के एफ़एमडी टीकाकरण के कार्य के भुगतान में एक बड़े गफलत का मामला निकलकर प्रकाश में आया है। जिसके बाद समूचे पशु विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। गौरतलब हो कि बरगवां निवासी गौ सेवक सूर्यकांत त्रिपाठी पिता रामरक्षा त्रिपाठी को गौसेवक (मैत्री) कि ट्रेनिंग सरकार द्वारा कराया गया है। जिसमे पशुओ को टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान तथा प्राथमिक उपचार कि ट्रेनिंग दी गई है। सरकार द्वारा पशुओ को एफ़एमडी टीकाकरण का कार्य कराया गया। जिसमें गौसेवक ने विभागीय सक्षम अधिकारी के आदेश पर एफ़एमडी टीकाकरण का कार्य तीसरे और चौथे चरण में किया है। जिस कार्य का सरकार द्वारा प्रति पशु 5 रुपये मानदेय निर्धारित है। गौसेवक द्वारा पूरी लगन और निष्ठा के साथ लगभग 12000 पशुओ का टीकाकरण किया गया। जिसकी कुल राशि 60000/- एक चरण का होता है। प्रार्थी ने तीसरे और चौथे चरण के कार्य को निर्धारित समयावधि मे पूर्ण किया है।
दिनाँक 24/08/2025 को जब गौसेवक को पता चला कि तीसरे और चौथे चरण में जो कार्य किए गए है। उनका पैसा खाते में आ गया है। किन्तु प्रार्थी के खाते में पैसे ना आने से परेसान होकर जिला के अधिकारी डिप्टी डायरेक्टर डॉ.आर.के. जैसवाल के पास पहुंचा। जिनसे पूछने पर उनके द्वारा बोला गया कि आपका डाटा नहीं दिख रहा है। आप काम किए है किन्तु पैसा आपको अगले चरण मे कही से अर्जेस्ट करके दिया जाएगा। किंतु महीनों बीत जाने के बाद भी भुगतान करने में अब टाल मटोल किया जा रहा है। गौसेवक ने आरोप लगाए हैं कि उसका नाम काट कर दूसरे का नाम जोड़कर भुगतान किया गया है और प्रार्थी को परेसान किया जा रहा है। गौसेवक ने बताया कि इस प्रकार के ऐसे कई फर्जीवाड़े डिप्टी डायरेक्टर द्वारा किए गए है। जिसकी जांच होनी चाहिए। वहीं गौसेवक ने सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।।
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