
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने सफाई और संविदा कर्मचारियों के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब इन कर्मचारियों का वेतन आउटसोर्सिंग कंपनियों के बजाय राज्य सरकार का कॉरपोरेशन सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित करेगा। यह घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महर्षि वाल्मीकि प्रकट दिवस के अवसर पर लखनऊ में आयोजित एक समारोह में की।
पारदर्शिता और समय पर भुगतान का वादा
इस नई व्यवस्था के तहत, सफाई कर्मचारियों को अब 16,000 से 20,000 रुपये मासिक वेतन सीधे उनके खातों में प्राप्त होगा। इससे पहले आउटसोर्सिंग कंपनियों के माध्यम से भुगतान में देरी, कटौती और शोषण की शिकायतें आम थीं। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह कदम कर्मचारियों के सम्मान और उनकी आर्थिक सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा।” यह व्यवस्था दिवाली से पहले लागू होने की संभावना है।
स्वास्थ्य बीमा और सहायता राशि वाल्मीकि समाज का सम्मान
सरकार ने सफाई कर्मचारियों के लिए 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर भी घोषित किया है। इसके अतिरिक्त, किसी अप्रिय घटना या दुर्घटना की स्थिति में कर्मचारी के परिवार को 35-40 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इस योजना को लागू करने के लिए सरकार बैंकों के साथ समन्वय कर रही है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा, “सफाई कर्मचारी समाज की रीढ़ हैं। उनकी मेहनत और समर्पण भगवान वाल्मीकि की विरासत का प्रतीक है। यह निर्णय उनके सम्मान और कल्याण के लिए उठाया गया है।”
पृष्ठभूमि और महत्व आगे की राह
मार्च 2025 में सरकार ने आउटसोर्स भर्तियों के लिए स्वयं का कॉर्पोरेशन स्थापित करने की योजना बनाई थी। यह नई व्यवस्था उसी दिशा में एक ठोस कदम है, जो कर्मचारियों के लिए पारदर्शिता और समयबद्ध वेतन सुनिश्चित करेगी। इस कदम से न केवल वाल्मीकि समाज बल्कि सभी संविदा कर्मचारियों को लाभ होगा। यह निर्णय सफाई कर्मचारियों के जीवन में स्थिरता और सम्मान लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में और कल्याणकारी योजनाएं लागू की जाएंगी। कर्मचारी संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे शोषण मुक्त कार्य वातावरण की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया है।



