गोड्डा
तिलका मांझी कृषि महाविद्यालय का डीसी ने किया निरीक्षण

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा। डीसी अंजली यादव द्वारा तिलका मांझी कृषि महाविद्यालय का निरीक्षण किया गया। अवसर पर उन्होंने महाविद्यालय परिसर में चल रहे विभिन्न शैक्षणिक एवं अनुसंधान कार्यों की जानकारी प्राप्त की तथा शिक्षकों, छात्र एवं छात्राओं से सीधा संवाद स्थापित किया। उपायुक्त द्वारा सबसे पहले महाविद्यालय परिसर का भ्रमण कर वहाँ उपलब्ध सभी शैक्षणिक सुविधाओं का निरीक्षण किया गया। उन्होंने विषयवार प्रायोगिक प्रयोगशालाओं (लैबोरेट्री), पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, स्मार्ट क्लासरूम, लाइब्रेरी, ऑडिटोरियम एवं वर्कशॉप का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कृषि अभियंत्रण प्रयोगशाला में उपलब्ध विभिन्न कृषि यंत्रों के उपयोग और उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी ली। इसके उपरांत उपायुक्त के द्वारा कॉलेज फार्म का निरीक्षण किया गया। वहाँ चल रहे विभिन्न फसलों के अनुसंधान कार्यों का जायजा लेते हुए उन्होंने बताया कि अनुसंधान और नवाचार कृषि विकास की रीढ़ हैं। फार्म पर धान की 24 प्रजातियों का ट्रायल, मूंगफली की विभिन्न समयावधियों में की गई बुआई तथा औषधीय महत्व के पौधों से युक्त मेडिसिनल गार्डन का निरीक्षण किया गया। सभी ट्रायल्स के बारे में डॉ० जेनी प्रिया इक्का द्वारा समस्त गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गई।
साथ ही उद्यान विज्ञान विभाग द्वारा उगाई जा रही सब्जियों में लौकी, फूलगोभी, मिर्च, धनिया आदि एवं आम की 10 विभिन्न प्रजातियों (आम्रपाली, दशहरी, चौसा, लंगड़ा, मियाज़ाकर आदि) का भी अवलोकन किया गया। इस दौरान डॉ० करुणा शंकर के द्वारा उद्यान विभाग की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गई। भ्रमण के उपरांत उपायुक्त ने कृषि महाविद्यालय के अंतिम वर्ष के छात्र एवं छात्राओं से मुलाकात कर उन्हें नए-नए स्टार्टअप और अनुसंधान कार्यों के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में नवाचार से ही किसानों की आमदनी दोगुनी की जा सकती है। इसके लिए कृषि महाविद्यालय, एफपीओ एवं जिला प्रशासन को मिलकर समन्वित रूप से कार्य करना होगा। उपायुक्त द्वारा जीआई टैग के लिए सुन्दरपहाड़ी क्षेत्र में उगाई जाने वाली बरबट्टी, भगैया सिल्क उद्योग, मशरूम की खेती व अन्य फसलों की पारम्परिक किस्मों का आइडेनटीफिकेशन कर उनको जीआई टैग दिलवाने के लिए मिलकर कार्य करने पर जोर दिया गया। ताकि हम अपने झारखंड के संसाधनों को दूसरे प्रदेश वालों के द्वारा रजिस्ट्रेशन कराने से रोक सकें। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त के द्वारा बताया गया कि कृषि विज्ञान केंद्र से समन्वय स्थापित करते हुए कृषि कॉलेज के छात्र एवं छात्राओं को प्रैक्टिकल ज्ञान दिए जाए, ताकि कृषि प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग, अनुसंधान तथा कृषि उपलब्धियों पर कार्ययोजना बनाते हुए छात्र एवं छात्राओं को तकनीकी प्रशिक्षण, विविधीकृत खेती की जानकारी उपलब्ध कराई जा सके। अवसर पर डॉ० मुकेश कुमार सिंह द्वारा उपायुक्त को पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया और धन्यवाद ज्ञापित किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी अभिजीत शर्मा, इंजीनियर कुणाल प्रसाद, डॉ० एम. रंजना देवी, डॉ० शेखर खड़े, डॉ०अजीता सोरेन, डॉ० निर्मला कुमारी, डॉ० अभिजीत सतपथी, डॉ० करुणा शंकर, डॉ०जेनी प्रिया इक्का, डॉ० अंकित तिवारी, डॉ० सतीश पांडे, डॉ० नीरजा उषा कुजूर एवं सुश्री उपाली किस्कू सहित अन्य शिक्षक एवं कॉलेज के कर्मी उपस्थित थे।




