लखनऊ

हजरतगंज में कार के भीतर मृत्यु का रहस्य

युवक की गोली से मौत, आत्महत्या की आशंका

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र में बीती रात एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां सड़क किनारे खड़ी एक कार में 38 वर्षीय युवक का खून से लथपथ शव मिला। प्रारंभिक जांच में युवक के सिर में गोली लगने की पुष्टि हुई है, और पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है। घटना की गहन जांच शुरू कर दी गई है।

घटना का ब्यौरा
शनिवार रात (25 अक्टूबर 2025) करीब 11:40 बजे, हजरतगंज के डीएम आवास के निकट एक होंडा बीआर-वी कार (रजिस्ट्रेशन नंबर UP32 KE 8099) में स्थानीय लोगों ने गोली चलने की आवाज सुनी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार के अंदर एक व्यक्ति को मृत पाया, जिसकी पहचान राजाजीपुरम निवासी ईशान गर्ग (38 वर्ष) के रूप में हुई। मृतक के सिर की दाहिनी कनपटी में गोली लगी थी, और उसके हाथ में एक लाइसेंसी रिवॉल्वर थी।

पुलिस ने मौके से एक रिवॉल्वर, एक खोखा कारतूस, नौ जिंदा कारतूस, और मृतक का पर्स (जिसमें हथियार का लाइसेंस और पहचान पत्र थे) बरामद किया। कार स्टार्ट हालत में थी और अंदर से लॉक थी, जिसे मैकेनिक की मदद से खोला गया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।

आधिकारिक बयान
1.डीसीपी सेंट्रल, लखनऊ: “प्रारंभिक जांच में यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है। मृतक के पास वैध लाइसेंसी हथियार था, और गोली सिर में लगी है। सभी साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं, और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।”

2 .हजरतगंज थाना प्रभारी: “घटना स्थल पर कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं दिखी। मृतक के परिवार से संपर्क किया गया है, और आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है। फिलहाल विधिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।”

जांच की दिशा
पुलिस के अनुसार, ईशान गर्ग बिजनेस से जुड़े थे और संभवतः व्यक्तिगत या व्यावसायिक तनाव में थे। हालांकि, आत्महत्या के पीछे का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस सभी पहलुओं, जिसमें हत्या की संभावना को भी, जांच रही है। फॉरेंसिक और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के निष्कर्षों से मामले में और स्पष्टता आने की उम्मीद है। यह घटना लखनऊ में मानसिक स्वास्थ्य और तनाव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा को फिर से उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता और सहायता तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता है।

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