उत्तराखंड

ऋषिकेश एम्स के डॉक्टरों ने मिसाल कायम की।

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।

ऋषिकेश।‌ डॉक्टर का पेशा मानवता, सेवा व दयालुता के लिए जाना जाता है। कहा जाता है कि मरीज को जीवन देने में भगवान के बाद दूसरा नंबर डॉक्टर का ही होता है। मानवता और सेवा डॉक्टरी पेशे का अभिन्न अंग है यह बात चरितार्थ की है ऋषिकेश स्थित एम्स के डॉक्टरों की टीम ने। बताते चलें कि हरियाणा के सोनीपत जिला के ग्राम जाजल टोकी निवासी रकमवीर कश्यप का पुत्र विक्की किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित था ,जिसका इलाज एम्स ऋषिकेश में नेफ्रोलॉजी ऑल टीम वार्ड नंबर 4 डॉक्टरों द्वारा किया जा रहा है। रकमवीर ने बताया कि ऋषिकेश एम्स के नेफ्रोलॉजी विभाग के डॉक्टर स्वभाव से बड़े ही विनम्र व मित्रता पूर्ण हैं। इलाज के दौरान जब उनके पुत्र विक्की का बिमारी को लेकर मोरल डाऊन हो गया था तो इलाज कर रहे डॉक्टर द्वारा उसका मोरल हाई करने के लिए उसकी काउंसलिंग की व केक काटकर जन्मदिन भी मनाया। वह कहते हैं कि काश हमारे देश के सभी डॉक्टर यदि ऐसे हो जाए तो मरीजों को कभी किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। रकमवीर व मरीज विक्की ने एम्स ऋषिकेश के डॉक्टर्स की टीम से डाॅ रवि कांत, डॉ दीपेश कुमार, डॉ सोरोन डाॅ साहिल गर्ग, डाॅ सगन बैनर्जी डाॅ रितेश शर्मा, डॉ अभय अंगदेव, डॉ संदीप कौर, डॉ अनिल चेरियान, डॉ पारूल आदि की प्रशंसा करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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