गाजियाबाद
भाकियू (अनाज कल मुख्यमंत्री के संभावित गाजियाबाद आगमन पर सौंपेगा अपना ज्ञापन
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी गाजियाबाद : लंबे समय से क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन और प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज भारतीय किसान यूनियन (अनाज) ने अब मोर्चा राज्य स्तर पर खोल दिया है।
दिनांक 27 नवंबर 2025, गुरुवार को भाकियू (अनाज) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित सचिन शर्मा एक किसान प्रतिनिधिमंडल के साथ गाजियाबाद पहुंचकर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विस्तृत ज्ञापन सौंपेंगे। इस ज्ञापन में पचहारा और नौरसपुर क्षेत्र में यमुना नदी से हो रहे अवैध खनन, किसानों के उत्पीड़न और औद्योगिक इकाइयों द्वारा फैलाए जा रहे वायु एवं जल प्रदूषण के प्रमाण प्रस्तुत किए जाएंगे।
संगठन का कहना है कि क्षेत्र के किसानों ने पुलिस चौकी, तहसील स्तर से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। किसानों का आरोप है कि अधिकारी शिकायतों को अनदेखा कर रहे हैं और अवैध खनन तथा प्रदूषण फैलाने वाले कारोबारियों को खुला संरक्षण मिल रहा है।
इतना ही नहीं, बेब सिटी में अपनी लंबित मांगों को लेकर लंबे समय से बैठे किसानों की समस्याएँ भी इस ज्ञापन में शामिल की जाएंगी।
किसान संगठन ने जताई कड़ी नाराजगी
भाकियू (अनाज) का कहना है कि जिलाधिकारी को पहले भी एक आधिकारिक ज्ञापन सौंपा गया था, जिसमें अवैध खनन तथा प्रदूषण फैलाने वाले कारखानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की गई थी। लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण न तो अवैध रेत खनन रुका और न ही प्रदूषणकारी इकाइयों पर कोई प्रभावी कार्रवाई अमल में लाई गई
इसी लापरवाही से आहत संगठन के पदाधिकारियों ने निर्णय लिया है कि अब मामले को सीधे मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया जाएगा और उन अधिकारियों के नाम भी उजागर किए जाएंगे जो इस अवैध गतिविधि को रोकने की बजाय संरक्षण दे रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल में युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बिनु आधान, युवा जिलाध्यक्ष कुलदीप नागर,
बुलंदशहर जिला अध्यक्ष: मनोज गुर्जर , प्रदेश सचिव प्रधान धर्म सिंह अधाना, ,भारत अधाना
कर्मवीर बैसला, धर्मवीर फौजी, संस्कार चौधरी, भारत आधाना, योगेश चौधरी, महिपाल यादव और एहसान मलिक व राहुल शामिल रहेंगे।
सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की मांगे जल्द नहीं मानीं तो यह आंदोलन प्रदेश स्तर पर बड़े आंदोलन के रूप में खड़ा होगा।


