गाजियाबाद

अवैध रेत खनन ने ली दो जिंदगियाँ

ट्रोनिका सिटी में खनन माफियाओं की गाड़ी की चपेट में आने से दो युवकों की मौत, प्रशासन पर उठे सवाल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

लोनी/ट्रोनिका सिटी : क्षेत्र में बढ़ते अवैध रेत खनन का दंश एक बार फिर सामने आया है। दोपहर के समय रेत माफियाओं की कथित डंपर गाड़ी की चपेट में आने से दो युवकों—शरीफ पुत्र फिरोजुद्दीन और आरिफ पुत्र आसिद—की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में रोष फैल गया है और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं

कैसे हुई घटना
सूत्रों के अनुसार एक भारी वाहन अवैध रेत खनन के लिए खान की ओर जा रहा था। जैसे ही वाहन ट्रोनिका सिटी से बदरपुर गांव जाने वाले मार्ग पर पहुंचा, उसी समय सामने से आ रही मोटरसाइकिल पर बैठे शरीफ और आरिफ को वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वाहन को जब्त कर लिया, लेकिन चालक मौके से फरार बताया जा रहा है।

माफिया सक्रिय, मामला दबाने की कोशिश

स्थानीय लोगों और सूत्रों का कहना है कि इस हादसे के बाद खनन माफिया मृतकों के परिजनों से संपर्क कर रहे हैं और समझौते के नाम पर दबाव बना रहे हैं, ताकि मामला दर्ज न हो और आरोपी बच निकलें।

समाचार लिखे जाने तक घटना की एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी, जिससे संदेह गहरा रहा है कि मामला दबाने की कोशिश चल रही है।

पहले भी उठ चुकी हैं शिकायतें कार्रवाई ज़ीरो

अवैध रेत खनन की शिकायतें नई नहीं हैं। क्षेत्र के सुंगरपुर, पचायरा, नौरसपुर और हिंडन नदी तटों पर लंबे समय से रात के अंधेरे में अवैध खनन किया जा रहा है।

स्थानीय किसान संगठनों, विशेषकर भारतीय किसान यूनियन (अनाज) ने हाल ही में एडीएम को ज्ञापन सौंपकर इस अवैध कार्य को रोकने की मांग की थी। इस मामले में शिकायत चौकी स्तर से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक भेजी जा चुकी है, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

यही कारण है कि खनन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे खुलेआम बड़े वाहनों के साथ सड़कों पर दौड़ते हैं।

प्रशासन की भूमिका सवालों के घेरे में

स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते खनन विभाग
पुलिस प्रशासन व जिला प्रशासन के अधिकारी इस कार्य
पर नकेल कसते, तो आज दो परिवारों को अपने बेटों की लाश नहीं उठानी पड़ती

क्या होगी न्याय की दिशा या मामला फिर दबेगा?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार और प्रशासन इस घटना का संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगा, या यह मामला भी पहले की तरह फाइलों में खो जाएगा।

परिजन और क्षेत्रवासी मांग कर रहे हैं कि:

दोषियों पर हत्या का मामला दर्ज हो
खनन माफियाओं के नेटवर्क पर कार्यवाही हो
सुंगरपुर, पचायरा और नौरसपुर में अवैध खनन तत्काल रोका जाए

घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश है और लोग न्याय की मांग कर रहे हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन जनभावनाओं के साथ खड़ा होता है या खनन लॉबी के दबाव में यह मामला भी ठंडे बस्ते में चला जाता है।

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