श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का समापन हवन यज्ञ,पूजन व भंडारे के साथ हुआ संपन्न l

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो l
छिंदवाड़ा l धर्म प्रेमी भक्त श्रद्धालुओं ने भंडारे का महाप्रसाद किया, ग्रहण महामंडलेश्वर ने भव्य आयोजन के लिए वाजपेई परिवार को किया, श्री पंचदशनाम महाकाल अखाड़ा के महामंडलेश्वर बनने के बाद महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 स्वामी बालक दास महाराज के पावन सानिध्य में वाजपेई परिवार द्वारा सुभाष कालोनी में कराई जा रही,श्रीमद भागवत कथा आज 17 जनवरी 2026 दिन शनिवार को संपन्न हुई, कथा के समापन पर हवन यज्ञ और भंडारे का आयोजन किया गया। भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहले हवन यज्ञ में आहुति डाली और फिर प्रसाद ग्रहण कर पुण्य कमाया। भागवत कथा का आयोजन बाजपेई परिवार की ओर से करवाया गया, था। कथा व्यास विमलेश तिवारी ने 7 दिनो तक कथा में भक्तों को श्रीमद भागवत कथा की महिमा एवं भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं कावर्णन किया। उन्होंने लोगों से भक्ति मार्ग से जुड़ने और सत्कर्म करने को कहा। उन्होने कहा कि हवन-यज्ञ से वातावरण एवं वायुमंडल शुद्ध होने के साथ-साथ व्यक्ति को आत्मिक बल मिलता है। व्यक्ति में धार्मिक आस्था जागृत होती है। दुर्गुणों की बजाय सद्गुणों के द्वार खुलते हैं। यज्ञ से देवता प्रसन्न होकर मनवांछित फल प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि भागवत कथा के श्रवण से व्यक्ति भव सागर से पार हो जाता है। श्रीमद भागवत से जीव में भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्य के भाव उत्पन्न होते हैं। इसके श्रवण मात्र से व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल जाते हैं। विचारों में बदलाव होने पर व्यक्ति के आचरण में भी स्वयं बदलाव हो जाता है। कथावाचक विमलेश तिवारी ने भंडारे के प्रसाद का भी वर्णन किया। उन्होंने कहा कि प्रसाद तीन अक्षर से मिलकर बना है। पहला प्र का अर्थ प्रभु, दूसरा सा का अर्थ साक्षात व तीसरा द का अर्थ होता है दर्शन। जिसे हम सब प्रसाद कहते हैं। हर कथा या अनुष्ठान का तत्वसार होता है,जो मन बुद्धि व चित को निर्मल कर देता है। मनुष्य शरीर भी भगवान का दिया हुआ सर्वश्रेष्ठ प्रसाद है। जीवन में प्रसाद का अपमान करने से भगवान का ही अपमान होता है। भगवान का लगाए गए,भोग का बचा हुआ शेष भाग मनुष्यों के लिए प्रसाद बन जाता है। महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 बालकदास जी महाराज द्वारा व्यास पीठ विमलेश तिवारी, एवं वाजपेई परिवार के सदस्यों को शाल श्रीफल देकर सम्मान किया,और श्रीमद् भागवत के भव्य आयोजन के लिए वाजपेई परिवार को शुभकामनाएं देकर अपना आशीर्वाद प्रदान किया,कथा समापन के दिन शनिवार को विधिविधान से पूजा करवाई गई,दोपहर तक हवन और भव्य विसर्जन कलश यात्रा निकालकर विशाल भंडारा कराया गया। इसमें मुख्य यजमान सुनील वाजपेई और वाजपेयी परिवार समेत श्रद्धालुओं ने आहुति डाली। पूजन के बाद दोपहर को भंडारा का महाप्रसाद श्रद्धालुओं ने ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया l



