यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ बयाना में सवर्ण संगठनों का विरोध
राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
भरतपुर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों को लेकर विप्र समाज और सवर्ण संगठनों में रोष गहराता जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को गौड़ ब्राह्मण महासभा के बैनर तले समाज के लोगों ने उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन किया और एसडीएम दीपक मित्तल को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर नियमों को तत्काल वापस लेने की मांग की। गौड़ ब्राह्मण महासभा युवा इकाई के तहसील अध्यक्ष एवं नगर पालिका पार्षद कुलदीप शर्मा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यूजीसी का नया कानून भारतीय संविधान के मूल ढांचे और समानता के अधिकार पर सीधा प्रहार है। उनका कहना था कि यह नियम संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 की भावना के विपरीत है, जो सभी नागरिकों को समानता और सुरक्षा का अधिकार देता है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार नए नियमों के जरिए सामान्य वर्ग के अधिकारों और उनके संवैधानिक संरक्षण की अनदेखी की जा रही है, जिससे समाज के एक बड़े वर्ग में असुरक्षा और असंतोष का माहौल बन रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि नियमों की शब्दावली और कुछ प्रावधानों को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों में भ्रम की स्थिति है, जिसमें समानता के बजाय पक्षपात झलकता है। ज्ञापन में मांग की गई कि यूजीसी और सभी शैक्षणिक संस्थान लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करें और शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर तथा भेदभावमुक्त वातावरण सुनिश्चित करें। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि नए नियमों से विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच जातीय आधार पर विभाजन बढ़ने की आशंका है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस मौके पर गौड़ ब्राह्मण महासभा युवा इकाई अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नगर मंत्री नक्षत्र अग्निहोत्री, देवेंद्र शर्मा, मयंक शर्मा, विकास, विशाल, हिमांशु, रोहित सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।



